Jharkhand: सिदो-कान्हू हूल दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य स्तरीय बुद्धिजीवी सम्मेलन 29 जून को, आदिवासी मुद्दों पर होगा मंथन

जमशेदपुर: आदिवासी सुरक्षा परिषद (केंद्रीय समिति) की ओर से सिदो-कान्हू हूल दिवस की पूर्व संध्या पर 29 जून को एक दिवसीय राज्य स्तरीय बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश हांसदा ने इसकी जानकारी संवाददाता सम्मेलन में दी।उन्होंने बताया कि सम्मेलन में झारखंड के विभिन्न जिलों से आदिवासी समाज के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

समसामयिक आदिवासी मुद्दों पर होगी व्यापक चर्चा

रमेश हांसदा ने कहा कि झारखंड में आदिवासी समाज के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां मौजूद हैं। इन समसामयिक विषयों पर सम्मेलन में विस्तृत चर्चा की जाएगी तथा समाज के हित में सुझाव और प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

परिसीमन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व रहेगा प्रमुख विषय

परिषद के अनुसार, सम्मेलन में परिसीमन के बाद झारखंड में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाने तथा आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाने के मुद्दे पर विशेष विचार-विमर्श किया जाएगा।इसके अलावा नई पीढ़ी के लिए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

पहचान, संस्कृति और कानूनी अधिकारों पर भी होगा विमर्श

आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में आदिवासी पहचान एवं संस्कृति के संरक्षण, अंतरजातीय विवाह से जुड़े सामाजिक पहलुओं तथा समाज के समक्ष उभर रही विभिन्न चुनौतियों पर भी बुद्धिजीवियों के विचार आमंत्रित किए जाएंगे।इसके साथ ही सीएनटी एक्ट, एसपीटी एक्ट तथा आदिवासियों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों से जुड़े विषयों पर भी गंभीर मंथन प्रस्तावित है।

सम्मेलन में भाग लेने की अपील

आदिवासी सुरक्षा परिषद ने राज्य के बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों से सम्मेलन में भाग लेकर अपने सुझाव और विचार साझा करने की अपील की है।संवाददाता सम्मेलन में परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश हांसदा, महानगर अध्यक्ष राम सिंह मुंडा, प्रकाश सांडील, चुन्नू भूमिज, जुझार समद तथा राजेश सिंह मुंडा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

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