पटना। बिहार के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि आने वाले समय में दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी- पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर काम किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से पटना की यात्रा महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरी हो सकेगी। इसके बाद इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को आगे सिलीगुड़ी तक विस्तारित करने की भी योजना है।
अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन से मिले अनुभव का होगा इस्तेमाल
रेल मंत्री ने कहा कि देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अहमदाबाद से मुंबई के बीच अगले वर्ष शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना से भारतीय इंजीनियरों को जो तकनीकी अनुभव मिला है, उसी का उपयोग करते हुए पटना सहित देश के अन्य प्रमुख शहरों को भी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और बिहार को भी भविष्य में इसका लाभ मिलेगा।
बिहार में रेलवे विकास के लिए रिकॉर्ड बजट
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष के लिए बिहार में रेलवे अवसंरचना के विकास हेतु 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है।उन्होंने कहा कि राज्य में फिलहाल लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में बिहार की रेल कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी।
पटना जंक्शन पर बनेंगे पांच नए प्लेटफॉर्म
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि राजधानी पटना के हार्डिंग रोड क्षेत्र में पांच नए रेलवे प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों की भीड़ कम होगी और ट्रेनों के संचालन में भी काफी सुधार आएगा।इसके अलावा फतुहा रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
छपरा से दिल्ली के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेन
रेल मंत्री ने छपरा के यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए छपरा से दिल्ली के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की घोषणा की। इससे उत्तर बिहार के यात्रियों को राजधानी दिल्ली तक बेहतर और सुविधाजनक रेल सेवा मिलेगी।
मढ़ौरा रेल कारखाने से दुनिया तक पहुंच रहा बिहार
इस दौरान रेल मंत्री ने मढ़ौरा (छपरा) स्थित रेल इंजन निर्माण कारखाने से गिनी गणराज्य को निर्यात किए जाने वाले 51वें लोकोमोटिव इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।उन्होंने कहा कि बिहार में निर्मित रेल इंजन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं, जो राज्य की औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया गौरव का क्षण
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मढ़ौरा रेल कारखाने से तैयार इंजन का विदेशों में निर्यात राज्य की बढ़ती औद्योगिक ताकत और वैश्विक पहचान का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में रेलवे के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है और आने वाले वर्षों में राज्य की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
बिहार रेलवे विकास की प्रमुख घोषणाएं
दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी- पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की तैयारी।
पटना से दिल्ली की यात्रा सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में पूरी होगी।
भविष्य में बुलेट ट्रेन को सिलीगुड़ी तक बढ़ाने की योजना।
बिहार के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड रेल बजट।
राज्य में 1.15 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य जारी।
पटना के हार्डिंग रोड क्षेत्र में पांच नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे।
फतुहा रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण।
छपरा से दिल्ली नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा।
मढ़ौरा रेल कारखाने से गिनी गणराज्य को 51वें लोकोमोटिव इंजन का निर्यात।
