
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग जंक्शन पर मंगलवार सुबह उस समय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए, जब तिरुवनंतपुरम से चलकर गोरखपुर की ओर जा रही ट्रेन संख्या 12512 राप्तीसागर एक्सप्रेस में बम होने की खौफनाक सूचना मिली। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल , राजकीय रेलवे पुलिस और डॉग स्क्वायड की संयुक्त टीमें भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गईं।ट्रेन के ऐशबाग स्टेशन पर रुकते ही करीब एक घंटे तक चले हाई-लेवल और सघन तलाशी अभियान के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब जाकर सुरक्षा बलों और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
कंट्रोल रूम को सुबह 9:15 बजे आया था धमकी भरा फोन
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार सुबह करीब 9:15 बजे हुई। आरपीएफ कंट्रोल रूम को एक अज्ञात यात्री ने फोन कर सूचना दी कि राप्तीसागर एक्सप्रेस में बम रखा हुआ है जो कभी भी फट सकता है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे के आला अधिकारियों को अलर्ट किया।चूंकि ट्रेन कुछ ही मिनटों में ऐशबाग जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर इन-होने वाली थी, इसलिए सुरक्षा बलों ने एहतियातन तुरंत मोर्चा संभाला। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को ऑन-स्पॉट बुलाया गया और आम यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक को पूरी तरह सील कर घेराबंदी कर दी गई।
सुबह 10 बजे स्टेशन पहुंची ट्रेन, चप्पे-चप्पे की हुई तलाशी
सुबह करीब 10:00 बजे जैसे ही राप्तीसागर एक्सप्रेस ऐशबाग जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी, पहले से तैयार सुरक्षाकर्मियों ने बोगियों को चारों तरफ से घेर लिया।आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने ट्रेन की जनरल बोगियों से लेकर स्लीपर और एसी कोच तक की बारीकी से तलाशी ली। यात्रियों के बैग, सीट के नीचे रखे सामान और लगेज वैन (पार्सल कोच) को मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वायड) की मदद से खंगाला गया। इस दौरान ट्रेन के भीतर और बाहर यात्रियों के बीच भारी कौतूहल और घबराहट का माहौल देखा गया।
पूरी तरह अफवाह निकली बम की खबर, 11 बजे ट्रेन रवाना
करीब आधे घंटे से अधिक समय तक ट्रेन के भीतर चले इस मैराथन सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बलों को कोई भी विस्फोटक सामग्री, लावारिस वस्तु या संदिग्ध सामान हाथ नहीं लगा।तसल्ली के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने न केवल ट्रेन बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म नंबर एक, वहां लगी बेंचों और पूरे स्टेशन परिसर की सुरक्षा बढ़ा कर सघन जांच की। पूरी जांच के बाद जब यह साफ हो गया कि बम होने की सूचना पूरी तरह से फर्जी (अफवाह) थी, तब जाकर रेल अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद सुबह करीब 11:00 बजे राप्तीसागर एक्सप्रेस को सुरक्षित रूप से गोरखपुर के लिए आगे रवाना कर दिया गया। रेलवे पुलिस अब उस अज्ञात कॉलर की लोकेशन और नंबर को ट्रेस करने में जुट गई है जिसने यह अफवाह फैलाई थी।



