Rajasthan: कोटा के चर्चित चंदसेल मठ महंत हत्याकांड का खुलासा, करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश में वकील निकला मास्टरमाइंड

कोटा। राजस्थान के कोटा स्थित बहुचर्चित चंदसेल मठ के महंत देवानंद महाराज की 5 जून को हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। छह दिन की गहन जांच के बाद पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे मठ की करोड़ों रुपये की संपत्ति और सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा करने की साजिश थी।

पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले का खुलासा करते हुए एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संतोष राय और पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया है। वहीं, वारदात में शामिल मुख्य शूटर आदित्य वर्मा सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी और इसके पीछे आर्थिक लाभ प्राप्त करने का मकसद था।

मठ की संपत्ति पर थी आरोपियों की नजर

जांच में सामने आया कि आरोपियों की नजर मठ की लगभग 750 बीघा बेशकीमती जमीन और बैंक खाते में जमा 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पर थी। आरोपियों ने मठ की संपत्ति पर कब्जा जमाने के उद्देश्य से महंत की हत्या की साजिश रची थी।

वकील संतोष राय निकला साजिश का मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इस पूरे षड्यंत्र का कथित मास्टरमाइंड एक वकील निकला। आरोपी संतोष राय खुद को मठ ट्रस्ट का अध्यक्ष बताता था और इस संबंध में उसने देवस्थान विभाग में आवेदन भी दे रखा था।पुलिस ने जब उसके गतिविधियों पर नजर रखी और गहन पूछताछ की, तब पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं। पूछताछ के दौरान सामने आया कि वह मठ की संपत्ति पर नियंत्रण स्थापित करना चाहता था।

जांच के दौरान निर्दोष पाए गए संत नंदन वन

एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि शुरुआती जांच में पुलिस और महंत के परिजनों को मठ के संत नंदन वन पर संदेह था। हालांकि विस्तृत जांच के बाद वे निर्दोष पाए गए।पुलिस के मुताबिक, नंदन वन ने जांच में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई, जिससे मामले की कड़ियां जुड़ती गईं और आखिरकार मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

मुख्य शूटर और अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अब फरार मुख्य शूटर आदित्य वर्मा और अन्य सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस जांच के अनुसार, मठ की विशाल संपत्ति और आर्थिक संसाधनों पर कब्जा करने की मंशा ही इस हत्याकांड की मुख्य वजह रही। मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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