अलीगढ़: उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ जिले में एएमयू क्लर्क ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों और डॉक्टरों से ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले आरोपी हसमत हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी क्लर्क हसमत हुसैन ने अलीगढ़ के एक प्रसिद्ध डॉक्टर सहित 8 प्रतिष्ठित लोगों को दिल्ली के कनॉट प्लेस जीपीओ से स्पीड पोस्ट के जरिए धमकी भरे पत्र भेजे थे, जिसमें आरोपी ने बिटकॉइन, क्यूआर कोड और यूएसडीटी के जरिए कुल ढाई करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी।अलीगढ़ एसएसपी नीरज कुमार जादौन के निर्देश पर इस मामले में सिविल लाइन थाने में 6 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में अलीगढ़ पुलिस ने दिल्ली जीपीओ के सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिर की मदद से आरोपी हसमत हुसैन को सोमवार को सिविल लाइन क्षेत्र से धर दबोचा। बताया जा रहा है कि आरोपी एएमयू क्लर्क बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के चक्कर में 80 लाख रुपये हार गया था। जिसके चलते वह कर्ज में आ गया था। कर्ज की भरपाई के लिए उसने अलीगढ़ शहर के 8 प्रतिष्ठित लोगों को एक लेटर लिखकर करीब ढाई करोड़ की रंगदारी मांगी थी।
रंगदारी नहीं देने पर परिवार को मारने की दी थी धमकी
रंगदारी मांगने वाले आरोपी हसमत हुसैन ने पत्र में लिखा था कि मैं लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हूं। 7-8 जून तक दिए गए क्यूआर कोड पर 50 हजार यूएसडीटी (करीब 50 लाख रुपये) बिटकॉइन में ट्रांसफर कर दो। अगर पैसे नहीं मिले, तो तुम्हारे बच्चों और परिवार को जान से मार दिया जाएगा। मेरे लड़के तुम्हारे घर के आसपास नजर रख रहे हैं।
50 लाख की रंगदारी मांगी
अलीगढ़ एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी हसमत हुसैन एएमयू के अजमल खां तिब्बिया कॉलेज में लोअर डिविजन क्लर्क के पद पर तैनात है। उसने पहले यूनिवर्सिटी रजिस्टर से नाम और पते लिए। 6 जून दिन शनिवार को शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर आमिर और एएमयू के ओल्ड बॉयज एसोसिएशन से जुड़े नामी जौहरी दिनेश ज्वेलर्स को स्पीड पोस्ट के जरिए धमकी भरे लेटर लिखे, जिसमें करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए बोला। उसके एक क्यूआर कोड भी दिया। पैसे न देने पर बच्चों और परिवार को मारने की धमकी दी।
8 अलग-अलग लेटर भेजे थे
आरोपी हुसैन ने 8 लेटर अलग-अलग लोगों को भेजे। पुलिस ने मामले की गंभीरता और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम को देखते हुए पूरी गोपनीयता बरती। सीओ के नेतृत्व वाली टीम गठित कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी ने बताया कि एएमयू में क्लर्क होने की वजह से अमीर प्रोफेसरों और डॉक्टरों की जानकारी थी। दिनेश ज्वेलर्स से ज्वेलरी खरीदी थी। सबकी प्रॉपर्टी का मुझे अंदाजा था। ट्रेडिंग के चक्कर में करीब 80 लाख रुपये का कर्ज में आ चुका था, इसलिए मैंने दिल्ली से लेटर पोस्ट किए थे और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी हसमत हुसैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
