गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने 7 वर्षीय बच्ची के पेट से बालों का बड़ा गुच्छा (हेयर बॉल) निकालकर उसकी जान बचाई। यह दुर्लभ मामला सामने आने के बाद चिकित्सक भी हैरान रह गए। बच्ची लंबे समय से पेट दर्द, भूख न लगना, उल्टी और लगातार वजन घटने जैसी समस्याओं से जूझ रही थी।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मेडिकल कॉलेज रोड स्थित सिटी हॉस्पिटल में बच्ची को इलाज के लिए लाया गया था। सर्जन एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रविकेश द्विवेदी ने बच्ची की जांच कराई। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन रिपोर्ट में पता चला कि बच्ची की आहार नाल (फूड पाइप) और पेट में बालों का एक बड़ा गुच्छा जमा हो गया है, जिसने गेंद का आकार ले लिया था।डॉक्टरों के अनुसार, यह गुच्छा आंतों और लीवर तक भोजन पहुंचने में बाधा बन रहा था। इसी वजह से बच्ची का शारीरिक विकास रुक गया था और उसका वजन लगातार कम हो रहा था।
तत्काल ऑपरेशन का लिया गया फैसला
रिपोर्ट सामने आने के बाद डॉक्टरों ने परिजनों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया और तुरंत ऑपरेशन कराने की सलाह दी। परिजनों की सहमति मिलने के बाद शनिवार को सफल सर्जरी की गई, जिसमें बालों का बड़ा गुच्छा पेट से निकाला गया।डॉ. रविकेश द्विवेदी ने बताया कि यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो बच्ची की हालत और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और जल्द सामान्य रूप से भोजन कर सकेगी।
चोरी-छिपे बाल खाने की थी आदत
बच्ची के परिजनों ने बताया कि उसे सिर के बाल खाने की आदत थी, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी। धीरे-धीरे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। कई जगह इलाज कराने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली। बाद में सिटी हॉस्पिटल में जांच के दौरान बीमारी की असली वजह सामने आई।
डॉक्टरों का जताया आभार
सफल ऑपरेशन के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर सही इलाज मिलने से उनकी बेटी की जान बच गई।
क्या है ट्राइकोबेज़ोआर ?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाल खाने की आदत को ट्राइकोफेजिया कहा जाता है। लंबे समय तक बाल खाने से पेट में बाल जमा होकर ट्राइकोबेज़ोआर का रूप ले लेते हैं। यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर चिकित्सकीय स्थिति है, जिसके लिए कई मामलों में सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है।
