Uttar Pradesh: संभल में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर, दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कसेरवा में सरकारी भूमि पर निर्मित बताई जा रही मस्जिद मुस्तफा कादरी के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर अभियान रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को शुरू हुई कार्रवाई के बाद रविवार को मस्जिद के बचे हुए हिस्से को भी ध्वस्त कर दिया गया। पूरे अभियान के दौरान भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही।

दूसरे दिन शेष ढांचे पर चली कार्रवाई

प्रशासन ने रविवार सुबह से ही ध्वस्तीकरण अभियान को आगे बढ़ाते हुए मस्जिद के शेष हिस्से को बुलडोजर की मदद से गिरा दिया। इससे पहले शनिवार को मस्जिद के अगले हिस्से, पिलरों, बाहरी संरचना और लगभग 55 फीट ऊंची मीनार को ध्वस्त किया गया था। प्रशासन के अनुसार विवादित निर्माण को हटाने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है।

120 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर निर्माण का आरोप

राजस्व विभाग के अनुसार गाटा संख्या 409 राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान की भूमि के रूप में दर्ज है। जांच के दौरान करीब 120 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर मस्जिद का निर्माण पाया गया। इसके बाद राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत कार्रवाई शुरू की गई और तहसीलदार न्यायालय द्वारा जारी बेदखली आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया। गांव के प्रमुख स्थानों के साथ-साथ कई मकानों की छतों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी।

पोस्टर और झंडा मिलने की जांच शुरू

कार्रवाई के दौरान मस्जिद की पहली मंजिल से “आई लव मोहम्मद” लिखा एक पोस्टर और हरे रंग का झंडा मिलने की सूचना भी सामने आई है। प्रशासन ने दोनों वस्तुओं को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।

न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई

प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

गांव में स्थिति सामान्य

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान और उसके बाद गांव में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का दौरा कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक इलाके में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

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