Jharkhand: 25 लाख के इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार, गिरिडीह पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 25 लाख रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ दो अन्य माओवादियों को भी हिरासत में लिया गया है। तीनों से विशेष जांच टीम लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस इस कार्रवाई को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मान रही है।

पारसनाथ क्षेत्र का जोनल कमांडर रह चुका है अजय महतो

पुलिस के अनुसार, अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का निवासी है। वह भाकपा (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और पारसनाथ क्षेत्र का जोनल कमांडर रह चुका है। झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

गुप्त सूचना पर हरलाडीह गांव में हुई छापेमारी

गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि अजय महतो हरलाडीह गांव स्थित करमू मांझी के घर में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद गुरुवार देर रात पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से उसके साथ मौजूद दो अन्य माओवादी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

100 से अधिक संगीन मामलों में है आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजय महतो के खिलाफ 100 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लेवी वसूली, लूट, पुलिस बल पर हमला, आईईडी विस्फोट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उसने गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया है।

कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अजय महतो लंबे समय से ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने, सड़क निर्माण में लगे वाहनों को आग लगाने और सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने जैसी घटनाओं में सक्रिय रहा है। उसकी तलाश केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी कर रही थी। विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।

यूएपीए और देशद्रोह के तहत भी होगी कार्रवाई

गिरिडीह जिला प्रशासन पहले ही अजय महतो समेत 12 माओवादियों के खिलाफ देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेज चुका है। गृह विभाग से इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

सर्च ऑपरेशन जारी, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

गिरफ्तारी के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके।गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी की गिरफ्तारी नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा और क्षेत्र में सक्रिय अन्य उग्रवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Exit mobile version