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Uttar Pradesh: प्रेम-प्रसंग में युवक की हत्या, यूट्यूब देखकर शव ठिकाने लगाने की साजिश; पति-पत्नी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी विजय निषाद की हत्या प्रेम-प्रसंग के चलते की गई थी। मामले में पुलिस ने एक पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के तरीके यूट्यूब वीडियो देखकर अपनाए थे।

8 मई से लापता था युवक

जानकारी के अनुसार विजय निषाद 8 मई 2026 को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और पूछताछ के दौरान पुलिस को मृतक के एक विवाहित महिला से प्रेम संबंध होने की जानकारी मिली।

प्रेम संबंध बना हत्या की वजह

पुलिस के मुताबिक, किरन देवी और विजय निषाद के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। इस रिश्ते से नाराज किरन के पति कामता प्रसाद निषाद ने पत्नी के साथ मिलकर विजय की हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत किरन ने विजय को बहाने से हमीरपुर स्थित अपने घर बुलाया, जहां पहले से मौजूद कामता प्रसाद ने दरवाजे की चौखट से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

यूट्यूब देखकर मिटाए सबूत

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने और पहचान मिटाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार शव को बोरे में भरने में परेशानी होने पर उसके पैरों को आरी और ग्राइंडर से काट दिया गया। बाद में शव को कानपुर नगर क्षेत्र के जंगल में ले जाकर जला दिया गया। आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और अन्य सामान भी अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।

महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव के अवशेष, जले हुए कपड़ों के टुकड़े, मोबाइल फोन के अवशेष, आरी, ग्राइंडर ब्लेड और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल समेत कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।

पुलिस टीम को मिला पुरस्कार

मामले के सफल खुलासे पर अभिमन्यु मांगलिक ने जांच और गिरफ्तारी करने वाली टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस का कहना है कि यह मामला दर्शाता है कि अपराध करने के बाद सबूत मिटाने की कितनी भी कोशिश की जाए, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए अपराधियों तक पहुंचा जा सकता है।

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