
मऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माफियाओं को चेतावनी दी कि अब प्रदेश में गुंडागर्दी और अराजकता का कोई स्थान नहीं है।
2005 के मऊ दंगों की याद दिलाते हुए साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने 21 साल पुराने (वर्ष 2005) मऊ दंगों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय मऊ को जलाने का कुत्सित प्रयास किया गया था। सीएम ने आरोप लगाया कि तब सत्ता माफियाओं के आगे नतमस्तक थी। उन्होंने कहा, “रामलीला के आयोजन में व्यवधान पैदा किए जाते थे। रामनवमी, जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई जाती थी। माफियाओं को देखकर सत्ताधारी नेताओं के पसीने छूटते थे और गरीब अपनी सुविधाओं के लिए तरसता था।”
“अब माफियाओं में नहीं बचा दुस्साहस”
सीएम योगी ने अपने संबोधन में वर्तमान कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब कोई भी माफिया या गुंडा किसी पर्व-त्योहार में उपद्रव पैदा करने का साहस नहीं कर सकता। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी। यदि किसी ने धार्मिक आयोजनों में बाधा डाली, तो पर्व तो धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन उपद्रवियों की दुर्गति ‘रावण और कंस’ जैसी निश्चित है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया, तो उसका अंजाम बुरा होगा।आज कोई भी माफिया खुली जीप में पिस्तौल लहराकर किसी को धमकाने की हिम्मत नहीं कर सकता।
पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस दौर में सत्ता से जुड़े लोग राशन और जनता की सुविधाओं को डकार जाते थे, जबकि आम गरीब व्यक्ति असहाय होकर देखता रहता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश में ‘अनवरत’ विकास और सुरक्षा का अभियान चला रही है।



