कानपूर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना टीम और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है।पुलिस ने इस मामले में चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बीटेक छात्र और इंटरमीडिएट पास युवक भी शामिल हैं।
फर्जी वेबसाइट और ऐप के जरिए करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। गिरोह के सदस्य फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार कर लोगों से संपर्क करते थे।आरोपी खुद को बैंक अधिकारी या वित्तीय संस्था का कर्मचारी बताकर लोगों को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने, कम ब्याज पर लोन, डिस्काउंट ऑफर और कैशबैक स्कीम का झांसा देते थे।
केवाईसी अपडेट के नाम पर लेते थे गोपनीय जानकारी
जब लोग इनके झांसे में आ जाते थे, तब आरोपी केवाईसी अपडेट करने, कार्ड ब्लॉक होने या तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे।साइबर अपराधी एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी और बैंक खाते की महत्वपूर्ण जानकारी लेकर पीड़ितों के खातों से रकम निकाल लेते थे।
फर्जी खातों में ट्रांसफर होती थी ठगी की रकम
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह ने साइबर ठगी से मिली रकम को ठिकाने लगाने के लिए कई फर्जी बैंक खाते खुलवा रखे थे।इन खातों के जरिए रकम अलग-अलग स्थानों पर ट्रांसफर की जाती थी और बाद में एटीएम या इंटरनेट बैंकिंग से नकदी निकाली जाती थी।
बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।बरामद सामान में 10 बैंक पासबुक, 16 चेकबुक, एक लैपटॉप बैग, तीन मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और करीब 29,300 रुपये नकद शामिल हैं।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल यादव, रविन्द्र कुमार, राजू उर्फ राजा और उनके एक अन्य साथी के रूप में हुई है। सभी आरोपी कानपुर नगर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं।फिलहाल पुलिस ने साइबर क्राइम थाना कानपुर नगर में मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
