जमुई: बिहार के जमुई जिले के झाझा प्रखंड स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के ठिकानों पर जो छापेमारी हुई, उसमें बरामद संपत्ति और धन देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं। गोपाल ने आय से अधिक इतनी संपत्ति बनाई है, जितनी बड़े-बड़े व्यापारियों के पास भी नहीं होती।गोपाल कुमार ने अक्टूबर 2008 में बिहार सरकार में नौकरी शुरू की थी। साल 2022 में उनका प्रमोशन हुआ और वह कार्यपालक अभियंता बन गए। लेकिन सरकारी नौकरी पाने के बाद गोपाल ने आय से अधिक संपत्ति बनाई और अकूत धन जमा कर लिया। आर्थिक अपराध इकाई की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में इस बात की जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि गोपाल कुमार द्वारा अपने ज्ञात आय से 2,00,61,000 रुपए अधिक की संपत्ति बनाई गई, जिसके सबूत भी मिले हैं। ये संपत्ति गोपाल कुमार की ज्ञात आय से 81.5% अधिक है।
कहां-कहां हुई छापेमारी? क्या-क्या मिला?
आर्थिक अपराध इकाई ने गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर 16 मई को छापेमारी की थी। इसमें 39,65,000 रुपए नकद, करीब 47,00,000 रुपए के आभूषण खरीदने से संबंधित इनवॉयस, सोने के आभूषण 424.08 ग्राम, जिनका वर्तमान मूल्य 60,47,000 रुपए है, चांदी के आभूषण, वजन करीब 1.00 किलोग्राम बरामद हुए हैं। इसके अलावा सगुना मोड़ स्थित जेबी मॉल में 2 व्यवसायिक दुकान मूल्य करीब 70,00,000/- रुपए, दानापुर बाजार समिति के समीप एक आवासीय भू-खण्ड 1.25 कट्ट्ठा जिस पर G+3 भवन निर्माणाधीन है, से संबंधित भू-खण्ड जिसका निबंधन मूल्य 35 लाख रुपए है, इसके अलावा 93 लाख रुपए अतिरिक्त मिले हैं।लक्ष्मी कॉटेज, दानापुर में एक 4 बीएचके फ्लैट के लिए 80,00,000 रुपए नगद भुगतान से संबंधित अभिलेख प्राप्त हुए हैं। तलाशी में ह्यूंडई i10 कार एवं 1 स्कूटी भी पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त इनके आवास से ग्रामीण कार्य विभाग से संबंधित कई सरकारी दस्तावेज/फाईल भी बरामद हुई हैं, जिनके संबंध में विभाग को सूचित किया जायेगा। तलाशी की कार्रवाई अभी जारी है।जमुई स्थित गोपाल के किराए के घर से 8,03,900 रुपए और एक ह्यूंडई क्रेता वाहन मिला है, जो सुरेंद्र मोहन नाम के शख्स के नाम पर है और इसे 19 लाख रुपए में खरीदा गया था। इसके अलावा कुल 3 बैंक खातों में लगभग 10,00,000/- रू० जमा पाए गए हैं।गोपाल की संपत्ति देखकर अधिकारी भी हैरान हैं। क्योंकि एक नौकरी से इतनी संपत्ति बनाना बिना भ्रष्टाचार के संभव नहीं है।
