Bengal: प्रोफेशनल शूटर्स, बदलती गाड़ियां और हत्या की खौफनाक स्क्रिप्ट… चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में क्या है पूरा सच?

माध्यामग्राम में 6 मई की रात करीब सवा दस बजे हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मारे गए शख्स चंद्रनाथ रथ, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक बताए जा रहे हैं।पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध “ऑपरेशन” था।

कोलकाता से ही किया जा रहा था पीछा

जांच एजेंसियों के अनुसार चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो गाड़ी को कोलकाता से ही ट्रैक किया जा रहा था। सीसीटीवी फुटेज में एक सिल्वर रंग की सैंट्रो कार और एक मोटरसाइकिल लगातार उनकी गाड़ी का पीछा करते दिखाई दिए।जैसे ही उनकी गाड़ी माध्यामग्राम के दोहाड़िया इलाके में, घर से करीब 100 मीटर पहले पहुंची, हमलावरों ने कार्रवाई शुरू कर दी।

ओवरटेक कर रोकी गाड़ी, फिर बरसाईं गोलियां

पुलिस के मुताबिक सैंट्रो कार ने स्कॉर्पियो को ओवरटेक कर उसकी रफ्तार धीमी कर दी। इसके तुरंत बाद बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पास आई और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों ने बेहद करीब से गोलीबारी की। पुलिस के अनुसार कम से कम 10 राउंड फायरिंग हुई, हालांकि संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है।चंद्रनाथ रथ को सीने, पेट और सिर में गोलियां लगीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल

हमले में उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेड़ा भी घायल हुए हैं। उनका इलाज कोलकाता के एक अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस को “प्रोफेशनल हिट” का शक

फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से कई खोखे, जिंदा कारतूस और गोलियों के निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने आधुनिक ऑस्ट्रियन ग्लॉक पिस्टल जैसे हथियार का इस्तेमाल किया।एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “ऐसे हथियार आम अपराधियों के पास नहीं होते। इससे प्रोफेशनल शूटर की आशंका मजबूत होती है।”

फर्जी नंबर प्लेट वाली कार बरामद

वारदात के बाद हमलावर बाइक से अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए। जिस सैंट्रो कार से स्कॉर्पियो को रोका गया था, उसे मौके पर छोड़ दिया गया।जांच में पता चला कि कार की नंबर प्लेट फर्जी थी। असली मालिक सिलीगुड़ी का रहने वाला है, जिसने हाल ही में कार बेचने के लिए उसकी तस्वीरें ऑनलाइन डाली थीं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पश्चिम बंगाल पुलिस अब जेसोर रोड और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और स्थानीय हिस्ट्रीशीटरों से पूछताछ की जा रही है।सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि एक संदिग्ध वाहन जब्त किया गया है और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है।

हत्या पर सियासी घमासान तेज

इस हत्या के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने इसे “प्री-प्लान्ड मर्डर” बताते हुए कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।वहीं भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी पर साजिश रचने का आरोप लगाया।दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मामले की कोर्ट मॉनिटरिंग में जांच की मांग की है।

जांच के सामने कई बड़े सवाल

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है—क्या यह राजनीतिक रंजिश का मामला है? क्या इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल थे? क्या चंद्रनाथ रथ को पहले से टारगेट किया जा रहा था? और क्या उनकी सुरक्षा में कोई चूक हुई?जांच एजेंसियों के सामने अब सिर्फ हमलावरों को पकड़ने की नहीं, बल्कि इस पूरी साजिश के मकसद का खुलासा करने की भी बड़ी चुनौती है।

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