Uttar Pradesh: पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की बेटी की दहेज हत्या का मामला, दामाद को 10 साल की कैद की सज़ा

बरेली के फरीदपुर में पूर्व विधायक की बेटी की दहेज हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-3) की अदालत ने दोषी दामाद को 10 साल के कारावास और 1.40 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

क्या है पूरा मामला?

फरीदपुर विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की बेटी गीतू सिंह की शादी 6 मई 2013 को मेरठ निवासी सेल टैक्स अधिकारी अश्वनी सिंह से हुई थी।शादी के बाद ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग और उत्पीड़न के आरोप लगे। 2014 में मृतका के पिता ने दामाद और ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

दहेज के लिए प्रताड़ना और हत्या का आरोप

आरोप था कि ससुराल पक्ष ने दो करोड़ रुपये की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर गीतू सिंह को प्रताड़ित किया जाता था।16 नवंबर 2014 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पति और ससुरालियों ने छत से धक्का देकर हत्या की।

12 साल चला मुकदमा, 156 तारीखें, 9 गवाह

यह मामला करीब 12 साल तक अदालत में चला, जिसमें 156 सुनवाई हुईं। अभियोजन पक्ष ने 9 गवाह और कई साक्ष्य पेश किए।सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपी ने क्रूरता के साथ मारपीट कर हत्या की और सबूत मिटाने की कोशिश की।

कोर्ट का फैसला: पति दोषी, सास-ससुर बरी

अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पति अश्वनी सिंह को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई। वहीं सास-ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर 12 जगह चोट के निशान मिले थे।सिर में गंभीर चोट,सीने की चार पसलियां टूटी हुई थी। इन तथ्यों ने मारपीट और हत्या की आशंका को मजबूत किया, जिसे अदालत ने अहम साक्ष्य माना।

पिता की लंबी कानूनी लड़ाई

मृतका के पिता विजयपाल सिंह ने पूरे मामले में लगातार पैरवी की और न्याय की लड़ाई लड़ी। सजा सुनाए जाने के दौरान वे अदालत में मौजूद रहे।

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