नोएडा: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है। यह आदेश आज, 30 अप्रैल से प्रभावी हो गया है और आगामी 8 मई 2026 तक लागू रहेगा।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
प्रशासन ने यह कदम हालिया तनावपूर्ण स्थितियों और आगामी महत्वपूर्ण दिनों को ध्यान में रखकर उठाया है। कल अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस है। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के संभावित प्रदर्शनों और रैलियों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हाल के दिनों में औद्योगिक क्षेत्रों में हुई हिंसक गतिविधियों के बाद पुलिस को इनपुट मिले हैं कि कुछ असामाजिक तत्व सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश कर सकते हैं।नोएडा एक प्रमुख औद्योगिक हब है, यहाँ फैक्ट्रियों और कार्यालयों के संचालन में किसी प्रकार का व्यवधान न आए, इसके लिए पुलिस अलर्ट मोड पर है।
धारा 163 के दौरान क्या हैं प्रमुख प्रतिबंध?
आदेश के प्रभावी रहने तक जिले में निम्नलिखित गतिविधियों पर रोक रहेगी। बिना अनुमति के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध है। किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन, धरना या रैलियों के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लाठी, डंडा या किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर घूमने पर पूर्ण रोक रहेगी।भ्रामक सूचनाएं या नफरत फैलाने वाले संदेश पोस्ट करने वालों पर पुलिस की साइबर सेल कड़ी नजर रख रही है।
पुलिस की तैयारी: फ्लैग मार्च और निगरानी
नोएडा पुलिस ने आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए जिले के संवेदनशील इलाकों और औद्योगिक सेक्टरों में फ्लैग मार्च निकाला है। प्रमुख चौराहों और दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और नियम पालन में सहयोग करें।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति धारा 163 के आदेशों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विस्तृत दिशा-निर्देशों की प्रति सभी थानों और सार्वजनिक सूचना केंद्रों पर उपलब्ध करा दी गई है।
