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Gujrat : सूरत में बदमाशों ने बैंक में घुसकर की 52 लाख रुपए की लूट, ग्राहकों और कर्मचारियों को बनाया बंधक

सूरत: गुजरात के सूरत से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बैंक में घुसकर बदमाशों ने 52 लाख रुपए की लूट को अंजाम दिया है। इस घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें बदमाश, पिस्तौल की दम पर लूट करते नजर आ रहे हैं। 

क्या है पूरा मामला?

शहर के वराछा क्षेत्र स्थित लंबे हनुमान रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में आज दोपहर दिनदहाड़े हुई डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह में से 5 हथियारबंद डकैतों ने बैंक में घुसकर पिस्तौल की नोक पर सात बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और करीब 52 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।दोपहर करीब 2:05 बजे छह डकैत तीन बाइकों पर सवार होकर बैंक पहुंचे। बैंक के सामने मेट्रो परियोजना का काम चल रहा था, जिसके कारण बैरिकेडिंग लगी हुई थी। पांच डकैत बैंक के भीतर घुसे, जबकि एक साथी करीब 25 मीटर दूर बाइकों के पास निगरानी करता रहा। बैंक में प्रवेश करते ही डकैतों ने सबसे पहले अलार्म सिस्टम के तार काट दिए, ताकि किसी प्रकार की सूचना तुरंत बाहर न जा सके। इसके बाद उन्होंने पिस्तौल दिखाकर बैंक कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों को एक कोने में बैठा दिया। सबसे पहले कैशियर के काउंटर से करीब 12 लाख रुपये लूट लिए। इसी दौरान कैश मैनेजमेंट सर्विस के कर्मचारी बैंक में अतिरिक्त नकदी, 40 लाख रुपये लेकर पहुंचे। डकैतों ने उन्हें भी बंधक बना लिया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए। कैश वैन से लाई गई रकम और काउंटर पर मौजूद नकदी मिलाकर कुल 52 लाख रुपये लूट लिए गए। डकैतों ने नकदी को विमल के थैलों और लगेज बैग में भरा। करीब 50 मिनट तक बैंक में लूटपाट करने के बाद वे बेहद शांत तरीके से बाहर निकले। इसके बाद पैदल मेट्रो बैरिकेडिंग पार कर अपनी बाइकों तक पहुंचे और कामरेज की दिशा में फरार हो गए।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज में अधिकांश डकैतों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनकी पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने शहरभर में नाकाबंदी कर दी और इसके साथ आसपास के जिलों को जानकारी दी गई है। प्राथमिक तौर पर जांच में मेट्रो रेल में काम करने वाले किसी ने ये योजना बनाई है और इनलोगों को काम के लिए हायर किया होगा।

बैंक में सिक्योरिटी नहीं थी, अलार्म सिस्टम के तार काटे

डकैतों को इस बात की जानकारी बेशक रही होगी कि कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं है। इसलिए एक ग्राहक की तरह सभी बैग लेकर अंदर घुसे और सबसे पहले बैंक के अलार्म सिस्टम के तार काट दिए थे। इसके अलावा कोई अन्य सिक्योरिटी या अलार्म सिस्टम एक्टिव करने का मौका आरोपियों ने स्टाफ को नहीं दिया। वहां पर आने जाने वाली सड़क बंद थी। इसलिए दोपहर में इलाका काफी सुनसान रहता है। लेकिन मनपा चुनाव को देखते हुए बैंक के बाहर वाली सड़क 5 दिन पहले एक तरफ से खोल दी थी। 

6 बजे पहुंची डॉग स्क्वाड

दोपहर 2 बजे हुई घटना के बाद पुलिस जांच प्रक्रिया के दौरान शाम 6 बजे डॉग स्क्वाड का इस्तेमाल शुरू किया गया। बैंक के अंदर से लेकर मेट्रो की बैरीकेडिंग तक कुत्ता दो राउंड तक घूमा और पार करके बाहर रोड तक गया। इसके बाद वो वापस अपनी जगह पर लौट आया था।

बाहर बैठे सीएमएस गार्ड को भनक तक नहीं लगी

डकैत इतने चालाक थे कि अंदर डकैती करके वो सभी बाहर निकल गए। नीचे खड़ी सीएमएस गार्ड को भनक तक नहीं लगी कि अंदर क्या हुआ है और उसके सामने से ही पैदल सभी बाइक की तरफ निकल गए वहीं दूसरी तरफ स्टाफ इतना घबराया हुआ था कि 15 मिनट तक वो टेबल के नीचे से बाहर नहीं आया। उन्हें लगा कि डकैत अभी भी बाहर खड़े हैं। 

कड़ोदरा के जोलवा में जांच तेज

आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने जांच करते हुए क्राइम ब्रांच की पूरी टीम लगा दी है। इसमें डीसीपी, एसीपी, पीआई, पीएसआई समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मी लगे हुए हैं। आरोपी कामरेज की तरफ जाते हुए नजर आए। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कड़ोदरा स्थित जोलवा के पास से आए हैं और वहीं उन्हें सुराग मिल सकता है।

डीसीपी जोन 1 आलोक कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी देरी से मिली थी। क्योंकि आरोपियों ने फोन जमा कर लिया था। स्थानीय पुलिस के अलावा, क्राइम ब्रांच और अन्य थाने की टीम है। इसके अलावा सूरत ग्रामीण, तापी, वलसाड, नवसारी पुलिस को भी अलर्ट किया है। डकैतों की उम्र 22 से 25 साल के बीच है।

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