Jharkhand INFACTNews

Jharkhand: झींकपानी एसीसी अडानी प्लांट पर त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, मजदूरों और ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित समाहरणालय सभागार में रविवार को मंत्री दीपक बिरुआ की अध्यक्षता में झींकपानी स्थित एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट के भविष्य को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि लंबी चर्चा के बावजूद बैठक से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

प्लांट बंदी को लेकर मजदूरों और ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

बैठक के बाद मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों में निराशा और रोष देखा गया। उनका कहना है कि 30 अप्रैल से शटडाउन के नाम पर उत्पादन और डिस्पैच कार्य प्रभावित है, जिससे सैकड़ों मजदूरों के सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

उपायुक्त ने प्रबंधन को दिए महत्वपूर्ण निर्देश

उपायुक्त मनीष कुमार ने प्लांट हेड को कंपनी प्रबंधन से जल्द वार्ता कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक प्लांट से कोई सामान बाहर नहीं जाएगा और न ही बाहरी सामग्री अंदर लाई जाएगी।उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मजदूरों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए तथा स्थायी समाधान निकलने तक कर्मचारियों को वैकल्पिक कार्यों में लगाया जाए।

क्षेत्र में धारा 144 लगाने की तैयारी

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू करने की भी बात कही है। जिला प्रशासन का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना और शांति बनाए रखना है।

फैक्ट्री बंद होने की आशंका से ग्रामीण चिंतित

ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट परिसर से कोयला, स्लैग और क्लिंकर को अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है, जिससे फैक्ट्री के स्थायी रूप से बंद होने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्लांट बंद हुआ तो पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मंत्री जोबा मांझी , एसपी अमित रेनू , विभिन्न विधायक, कंपनी प्रबंधन के अधिकारी, संघर्ष समिति के संयोजक रमेश बालमुचू, गुरुचरण मुंडा, प्रदीप तामसोय समेत कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समाधान की उम्मीद में मजदूर

मजदूर और ग्रामीण लगातार मांग कर रहे हैं कि कंपनी प्रबंधन जल्द स्पष्ट निर्णय ले और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना के उत्पादन बंद होने से हजारों परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button