Delhi: रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट का समन, शिकोहपुर जमीन सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग केस में 16 मई को पेश होने का आदेश

नई दिल्ली: नई दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के शिकोहपुर जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा समेत सात अन्य आरोपियों को समन जारी किया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 16 मई को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है।विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है। मामले में विस्तृत आदेश का अभी इंतजार किया जा रहा है।
पिछले साल दाखिल हुई थी चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय ने जुलाई 2025 में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। यह पहली बार था जब किसी जांच एजेंसी ने 57 वर्षीय वाड्रा के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में चार्जशीट दायर की थी।इससे पहले अप्रैल 2025 में ईडी ने उनसे लगातार तीन दिनों तक पूछताछ भी की थी। यह जांच हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर-शिकोहपुर (अब सेक्टर-83) में हुए जमीन सौदे से जुड़ी है।
फरवरी 2008 में हुआ था जमीन सौदा
यह सौदा फरवरी 2008 में स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के माध्यम से किया गया था, जिसमें रॉबर्ट वाड्रा पहले निदेशक थे।इस सौदे के तहत कंपनी ने शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज़ से करीब 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। उस समय हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी।चार साल बाद सितंबर 2012 में इसी जमीन को रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ को लगभग 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।
2012 में विवादों में आया मामला
अक्टूबर 2012 में यह जमीन सौदा तब विवादों में आया जब आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने, जो उस समय भूमि अभिलेख और पंजीकरण विभाग में तैनात थे, इस सौदे को नियमों के उल्लंघन का मामला बताते हुए इसका म्यूटेशन (नामांतरण) रद्द कर दिया था।
वाड्रा ने आरोपों को बताया राजनीतिक
रॉबर्ट वाड्रा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने इस मामले को अपने और अपने परिवार—जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी शामिल हैं—के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
अन्य मामलों की भी जांच
बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय वाड्रा से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच कर रहा है। इनमें से एक मामला ब्रिटेन स्थित हथियार सलाहकार संजय भंडारी से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला राजस्थान के बीकानेर में हुए जमीन सौदे से संबंधित है।



