Bihar Breaking: नीतीश कुमार ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, कैबिनेट की आखिरी बैठक में भावुक हुए मंत्री

पटना : बिहार की सियासत में आज उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें नई व्यवस्था होने तक ‘कार्यकारी मुख्यमंत्री’ के तौर पर काम जारी रखने का निर्देश दिया है।राजभवन से निकलते समय नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी एक ही गाड़ी में नजर आए, जो राज्य में सत्ता के नए समीकरणों की पुष्टि कर रहे हैं।

“सेवा का संकल्प पूरा हुआ, अब नई सरकार की बारी”

इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर प्रदेश की जनता का आभार जताया।

2005 से अब तक का सफर

नीतीश कुमार ने याद दिलाया कि 24 नवंबर 2005 से एनडीए सरकार ने राज्य में ‘कानून का राज’ स्थापित किया और हर वर्ग (अपर कास्ट से लेकर महादलित और अल्पसंख्यकों तक) के लिए काम किया। उन्होंने भविष्य की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 2025-30 के लिए ‘7 निश्चय-3’ का गठन किया गया है, जो बिहार को देश के टॉप राज्यों में शामिल करेगा।

पीएम मोदी का आभार

नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में केंद्र के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे।” उन्होंने नई सरकार को अपना पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देने का वादा भी किया।

क्या सम्राट चौधरी होंगे बिहार के पहले बीजेपी सीएम?

नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही बिहार भाजपा में जश्न और भविष्य की रणनीति पर मंथन शुरू हो गया है। बिहार के इतिहास में यह पहली बार होगा जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा।कयास लगाए जा रहे हैं कि वर्तमान डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं।

एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

आज शाम होने वाली एनडीए की बड़ी बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी।

बुधवार को हो सकता है शपथ ग्रहण

सूत्रों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार (15 अप्रैल) को आयोजित किया जा सकता है। नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बनने वाली यह नई सरकार बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों और विकास के एजेंडे को ध्यान में रखकर गठित की जाएगी।

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