Uttar Pradesh: अलकायदा से जुड़े आतंकी मॉड्यूल पर एनआईए कोर्ट का बड़ा फैसला; मुशीरुद्दीन, मिनहाज और तौहीद को आजीवन कारावास

लखनऊ: देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और उत्तर प्रदेश में बड़े धमाकों की साजिश रचने के मामले में एनआईए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अलकायदा से जुड़े सहयोगी संगठन ‘अंसार गजवातुल हिन्द ’ के तीन आतंकियों मुशीरुद्दीन, मिनहाज और तौहीद अहमद को दोषी करार देते हुए अदालत ने आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।यह फैसला विशेष एनआईए कोर्ट के न्यायाधीश जैनेन्द्र कुमार पांडेय ने सुनाया। कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को देश के खिलाफ साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया।

कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना

अदालत ने सजा के साथ-साथ आरोपियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है।मिनहाज और मुशीरुद्दीन पर 1.42 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।तौहीद अहमद पर 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और आरोपियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

एनआईए ने कोर्ट में पेश किए मजबूत साक्ष्य

इस मामले में जांच एजेंसी ने अदालत के सामने 42 गवाहों के बयान,149 दस्तावेज और 109 भौतिक साक्ष्य (वस्तुएं) प्रस्तुत किए।इन सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किए गए आरोपी

फैसले के दिन तीनों आरोपियों को जिला कारागार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें दोबारा हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं आरोपी

आरोपियों की पहचान मुशीरुद्दीन – फातिमा नगर मोहिबुल्लापुर, सीतापुर रोड, लखनऊ,मिनहाज अहमद – अदनानपल्ली रिंग रोड, दुबग्गा, लखनऊ,तौहीद अहमद उर्फ सोबू शाह – अकबर कॉलोनी, अरिबाग, मॉनछोआ थाना छदूरा, जम्मू-कश्मीर और उमर हेलमंडी ने मिनहाज को संगठन में भर्ती किया।जांच में सामने आया कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र से संचालित आतंकी नेटवर्क से जुड़े अलकायदा के आतंकी उमर हेलमंडी ने भारत में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने के लिए युवाओं की भर्ती का निर्देश दिया था।
इसके बाद जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क ने मिनहाज से ऑनलाइन संपर्क कर उसे अंसार गजवातुल हिन्द संगठन में भर्ती किया।बाद में मिनहाज ने मुशीरुद्दीन को भी इस आतंकी साजिश में शामिल किया और दोनों ने मिलकर उत्तर प्रदेश में धमाके करने की योजना बनाई।

दुबग्गा स्थित घर से बरामद हुआ था विस्फोटक

जांच के दौरान सामने आया कि आतंकी साजिश को अंजाम देने के लिए मिनहाज अहमद ने मोहम्मद मोईद से एक अवैध पिस्टल और चार जिंदा कारतूस हासिल किए थे।11 जुलाई 2021 को एटीएस ने दुबग्गा-काकोरी क्षेत्र में मिनहाज के घर पर छापा मारकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, पिस्टल और कुकर बम बरामद किया था।इसके बाद मिनहाज और मुशीरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया था। पूछताछ में मोहम्मद मोईद, शकील और मुस्तकीम के नाम भी सामने आए थे।

गणतंत्र दिवस और भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाया था निशाना

जांच में यह भी सामने आया कि आतंकी संगठन उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ में युवाओं की भर्ती कर बड़े हमलों की साजिश रच रहा था।सूत्रों के अनुसार,राम मंदिर फैसले के बाद नाराजगी के चलते 15 अगस्त 2021 और अन्य राष्ट्रीय अवसरों पर भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर विस्फोट करने की योजना बनाई गई थी।

एनआईए ने संभाली जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया।एनआईए ने 29 जुलाई 2021 को नया मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से संचालित आतंकी नेटवर्क भारत में बड़े हमलों की साजिश रच रहा था और इसके लिए स्थानीय युवाओं को जोड़ा जा रहा था।

कई स्थानों की रेकी भी की गई थी

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मिनहाज, मुशीरुद्दीन और उनके सहयोगियों ने लखनऊ सहित प्रदेश के कई स्थानों की रेकी की थी।इन स्थानों पर हमला करने के लिए उन्होंनेहथियार,विस्फोटक सामग्री और अन्य संसाधन जुटाए थे।एटीएस और एनआईए की संयुक्त कार्रवाई में पूरे आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

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