इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। जस्टिस वर्मा का नाम साल 2025 में सामने आए कथित कैश कांड के बाद चर्चा में आया था, जिसके बाद उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था।बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ लगे आरोपों को लेकर फिलहाल एक आंतरिक जांच चल रही है। इस मामले में संसद द्वारा उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना भी जताई जा रही थी।
दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट हुआ था ट्रांसफर
कैश विवाद सामने आने के बाद जस्टिस यशवंत वर्मा का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया था। ट्रांसफर के बाद उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।
दिल्ली स्थित सरकारी आवास में लगी थी आग
मामला उस समय सामने आया था जब मार्च 2025 में नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास 30 तुगलक रोड पर होली के दिन देर रात आग लग गई थी। जानकारी के अनुसार रात करीब 11:35 बजे आग लगने की सूचना मिली थी।बताया गया कि उस समय जस्टिस वर्मा घर पर मौजूद नहीं थे। आग लगने की घटना के दौरान वहां से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की बात सामने आई थी।
