Jharkhand: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने तपोवन मंदिर में टेका माथा, ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूँजी राजधानी

रांची : राजधानी रांची आज रामनवमी के पावन अवसर पर पूरी तरह भक्ति, शक्ति और परंपरा के रंग में सराबोर नजर आई। इस खास मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ ऐतिहासिक तपोवन मंदिर पहुँचे। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने वहां विधि-विधान से प्रभु श्री राम और बजरंगबली की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की।

तपोवन मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

शुक्रवार सुबह से ही रांची के प्रमुख मंदिरों, विशेषकर तपोवन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, हालांकि आम श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।चिलचिलाती धूप के बावजूद भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।

पारंपरिक अखाड़ों का शक्ति प्रदर्शन और ध्वज मिलन

रामनवमी के इस महापर्व पर रांची की सदियों पुरानी परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी है।देर शाम से ही शहर के विभिन्न अखाड़ों के दल अपने-अपने विशाल महावीरी झंडों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ तपोवन मंदिर की ओर कूच करेंगे। विसर्जन जुलूस के दौरान अखाड़ा समितियों द्वारा तलवारबाजी, लाठी-डंडे और अन्य पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होता है। रात तक सभी अखाड़े तपोवन मंदिर पहुंचेंगे, जहां विधिवत पताकाओं (झंडों) का मिलन होगा। इस भव्य दृश्य को देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ रहे हैं।

सुरक्षा और प्रशासनिक चाक-चौबंद

राजधानी में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन और रांची पुलिस अलर्ट मोड पर है ।संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पल-पल की निगरानी रखी जा रही है।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल द्वारा विभिन्न रूटों पर फ्लैग मार्च किया गया है।जुलूस के मद्देनजर शहर के कई मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।श्रद्धा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के इस अनूठे संगम ने रांची को पूरी तरह उत्सवमयी बना दिया है।

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