प्रयागराज: प्रयागराज के चर्चित 46 साल पुराने प्रकाश नारायण पांडेय हत्याकांड में माननीयों के विशेष न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत अब 13 मई को सजा पर फैसला सुनाएगी।
चारों आरोपी दोषी करार
इस मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा के अलावा बलराम, संतराम और जीत नारायण को भी दोष सिद्ध पाया गया है। विजय मिश्रा फिलहाल आगरा जेल में बंद हैं, जबकि अन्य तीन आरोपी जमानत पर बाहर थे। अदालत ने दोष सिद्ध होने के बाद तीनों की जमानत निरस्त करते हुए उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया।
कचहरी परिसर में हुई थी हत्या
यह मामला 11 फरवरी 1980 का है। कर्नलगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार हथिगवा नवाबगंज निवासी श्याम नारायण पांडेय अपने भाई प्रकाश नारायण पांडेय के साथ एक मुकदमे में जमानत कराने जिला कचहरी पहुंचे थे। दोनों अपने अधिवक्ता की सीट पर बैठे थे, तभी विजय मिश्रा, बलराम, संतराम और जीत नारायण हथियार लेकर वहां पहुंचे और प्रकाश नारायण पांडेय को गोली मार दी। घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।पुलिस ने घटनास्थल से बंदूक भी बरामद की थी।
लंबे समय तक अटका रहा मुकदमा
मामले की सुनवाई लंबे समय तक इसलिए प्रभावित रही क्योंकि केस से जुड़े कई मूल दस्तावेज और विवेचना डायरी की मूल प्रति न्यायालय की पत्रावली से गायब थी। बाद में विभिन्न दस्तावेज एकत्र किए गए, जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ सकी।
एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई थी पहली गवाही
इस केस में पहली गवाही एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला के समक्ष हुई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार वैश्य ने अदालत को बताया था कि वादी श्याम नारायण पांडेय ने विजय मिश्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
