नई दिल्ली: इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चितता के बीच भारत के कई राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की किल्लत की अफवाहों ने आम जनता के बीच हड़कंप मचा दिया है। बीते 24 मार्च से देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंपों के बाहर किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
अफवाहों का बाजार गर्म: सोशल मीडिया ने बढ़ाई मुश्किलें
सोशल मीडिया पर ‘1 अप्रैल तक पेट्रोल पंप बंद रहने’ और ‘तेल खत्म होने’ जैसे संदेश वायरल होने के बाद लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए पंपों पर टूट पड़े। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई जगहों पर पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोग किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
राज्यों का हाल: कहाँ कैसी है स्थिति?
- महाराष्ट्र: ‘उपलब्ध नहीं’ के बोर्ड लगे
महाराष्ट्र के अमरावती जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब दिखे। यहाँ कई पंपों पर ‘पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं’ के बोर्ड लगा दिए गए हैं। जिन गिने-चुने पंपों पर तेल मिल रहा है, वहां भारी भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी हुई है।
- मध्य प्रदेश: 2 किलोमीटर लंबी लाइनें
एमपी के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, मंदसौर और आगर मालवा में मंगलवार रात से ही अफरा-तफरी का माहौल है।लोग बोतलों, ड्रमों और कुप्पियों में तेल भरकर ले जाते दिखे।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को लाउडस्पीकर से घोषणाएं करनी पड़ीं, लेकिन जनता में डर साफ देखा गया।
- गुजरात: सोशल मीडिया मैसेज से फैला डर
अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे बड़े शहरों में लोगों ने बताया कि ‘एहतियातन’ वे अपनी गाड़ियाँ फुल करा रहे हैं। अफवाहों के कारण उन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई जिनका तेल सच में खत्म हो गया था और उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
- उत्तर प्रदेश: सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती में भारी भीड़
यूपी के सिद्धार्थनगर (डुमरियागंज) और श्रावस्ती में पेट्रोल पंपों पर दबाव इतना बढ़ गया कि आपूर्ति बाधित होने लगी। प्रबंधकों का कहना है कि डिपो से तेल आने में देरी और अचानक बढ़ी मांग ने संकट जैसा माहौल बना दिया है।
- राजस्थान: सोमवार रात से ही हड़कंप
राजस्थान के बीकानेर, उदयपुर और जालोर में सोमवार रात से ही अफवाह उड़ी कि अगले एक हफ्ते तक पंप बंद रहेंगे। इसके चलते रात के अंधेरे में ही हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और पेट्रोल पंपों पर वाहनों का जमावड़ा लग गया।
प्रशासन की अपील: संयम बरतें
विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। प्रशासन का कहना है कि आपूर्ति श्रृंखला सुचारू है और केवल अफवाहों के कारण ही पंपों पर ‘आर्टिफिशियल रश’ (कृत्रिम भीड़) पैदा हुआ है।
