खूंटी/रांची: देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आगामी 28 मार्च को झारखंड के ऐतिहासिक दौरे पर रहेंगे। उपराष्ट्रपति के रूप में यह उनका पहला झारखंड दौरा होगा, जिसके केंद्र में महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू है। इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं।
राज्यपाल से उपराष्ट्रपति तक: एक भावनात्मक जुड़ाव
यह दौरा रणनीतिक और भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि सी.पी. राधाकृष्णन इससे पहले झारखंड के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उपराष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद पहली बार वे बिरसा मुंडा की पावन धरती पर कदम रखेंगे। उपराष्ट्रपति 28 मार्च की सुबह सीधे उलिहातू पहुंचेंगे। वे लगभग एक घंटे तक उलिहातू में रुकेंगे, जहाँ वे भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जानेंगे।
खूंटी में युद्धस्तर पर तैयारियां: बनेंगे अस्थायी हेलीपैड
उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए खूंटी जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।उलिहातू के कंट्रापीढ़ी क्षेत्र और खूंटी स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन डिपो के पीछे अस्थायी हेलीपैड का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के समय भी इन्हीं क्षेत्रों में हेलीपैड बनाए गए थे, जिसे अब उपराष्ट्रपति के दौरे के लिए पुनर्जीवित किया जा रहा है।बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी, डीएसपी वरुण रजक और खूंटी थाना पुलिस की टीम ने प्रस्तावित स्थलों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: प्रशासन अलर्ट मोड पर
अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी ने कार्यक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि उपराष्ट्रपति का दौरा लगभग एक घंटे का होगा, लेकिन सुरक्षा और प्रोटोकॉल में कोई कमी न रहे, इसके लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं। हेलीपैड से लेकर उलिहातू तक के रास्ते की विशेष सफाई और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।दौरे के दौरान खूंटी के कुछ रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है, जिसकी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
“उपराष्ट्रपति का उलिहातू दौरा हमारे लिए गर्व का विषय है। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महामहिम का यह एक घंटे का कार्यक्रम पूरी तरह सुचारू और गरिमामय रहे।” — दीपेश कुमारी, एसडीओ (खूंटी)
