सरायकेला: सरायकेला नगर क्षेत्र में पेयजल की समस्या गहरा गई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की तीन में से दो मुख्य मोटरों के जल जाने के कारण पूरे शहर की जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। इस स्थिति से नाराज नगर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ प्लांट का घेराव किया और विभागीय कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए।
अधिकारियों की कार्यशैली पर बरसे नगर अध्यक्ष
घेराव के दौरान मनोज चौधरी ने अधिकारियों और सिटी मैनेजर को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था न होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। प्लांट के निरीक्षण के दौरान फिल्टर टंकी में जमा गंदगी और परिसर में बिखरे कचरे को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की इस लापरवाही के कारण शहरवासियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
24 घंटे का अल्टीमेटम: “जनता को पानी मिले, चाहे खर्च मैं उठाऊं”
नगर अध्यक्ष ने विभाग को दो नई 45 HP की मोटरें तत्काल मंगवाने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा अगर विभाग के पास फंड की कमी है, तो मोटरों का खर्च मैं स्वयं वहन करूँगा, लेकिन जनता प्यासी नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कल सुबह तक जलापूर्ति बहाल नहीं हुई और परिसर की सफाई (फिल्टर टंकी सहित) सुनिश्चित नहीं की गई, तो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विभाग ने दिया जल्द बहाली का आश्वासन
प्रदर्शन और बढ़ते दबाव को देखते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोटरों की मरम्मत और बदलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही सरायकेला की जनता को नियमित पानी की सप्लाई मिलने लगेगी।
