ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ परीक्षा के दबाव और असफलता के डर ने 18 वर्षीय एक छात्र की जान ले ली। झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम स्थित सांई नगर फेस-2 में रहने वाले 12वीं के छात्र उत्कर्ष उर्फ कृष्णा गुप्ता ने घर की तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
पढ़ाई का बोलकर गया और उठा लिया आत्मघाती कदम
मृतक उत्कर्ष के पिता राजीव गुप्ता ने बताया कि गुरुवार सुबह सब कुछ सामान्य था। उत्कर्ष ने माता-पिता के साथ नाश्ता किया और फिर यह कहकर छत पर चला गया कि उसे शांति से पढ़ाई करनी है। कुछ देर बाद घर के बाहर किसी भारी चीज के गिरने की जोरदार आवाज आई। जब परिजन दौड़कर बाहर पहुंचे, तो उत्कर्ष जमीन पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम
परिजन आनन-फानन में उत्कर्ष को लेकर जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। छत की छानबीन के दौरान बाउंड्री की दीवार पर उत्कर्ष की किताबें रखी मिलीं, जो इस बात की गवाह थीं कि वह वहां पढ़ाई करने के इरादे से ही गया था, लेकिन अचानक उपजे तनाव ने उसे विचलित कर दिया।
परीक्षा में फेल होने का डर बना काल?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे ‘एग्जाम स्ट्रेस’ (परीक्षा का तनाव) मुख्य कारण बनकर उभर रहा है। उत्कर्ष पिछले साल भी 12वीं की परीक्षा में फेल हो गया था। इस वर्ष उसकी 12वीं की परीक्षाएं चल रही थीं। पुलिस को आशंका है कि संभवतः कोई पेपर बिगड़ने या फिर से फेल होने के डर से वह गहरे तनाव में था।
पुलिस का बयान
एएसपी जयराज कुबेर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “छात्र 12वीं की परीक्षा दे रहा था और पिछले साल भी अनुत्तीर्ण रहा था। प्रथम दृष्टया मामला परीक्षा के दबाव से जुड़ा लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मर्ग कायम कर सुसाइड के सही कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।”
