Jharkhand: जनगणना 2027 को लेकर पाकुड़ में तैयारी तेज, उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

पाकुड़ : देश के विकास की नींव मानी जाने वाली जनगणना 2027 के सफल और सटीक आयोजन को लेकर पाकुड़ जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना की तैयारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने का रोडमैप तैयार किया गया।

डीसी के सख्त निर्देश: सटीकता और पारदर्शिता से समझौता नहीं

उपायुक्त मनीष कुमार ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य की सरकारी योजनाओं का आधार है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर काम करें ताकि कोई भी क्षेत्र या परिवार गणना से छूट न पाए। निर्धारित समय के भीतर सभी प्रारंभिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाए। क्षेत्रीय सीमाओं का भौतिक सत्यापन पूरी ईमानदारी से किया जाए।

CMMS पोर्टल पर होगी ऑनलाइन जनगणना

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी चंद्रजीत खलको ने बैठक में तैयारियों का ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह से हाईटेक होगी।पूरी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न की जाएगी। गणना का कार्य CMMS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होगा।फील्ड में काम करने वाले प्रगणकों के लिए 4GB RAM वाले स्मार्टफोन का उपयोग अनिवार्य किया गया है।

प्रगणकों की नियुक्ति और मास्टर ट्रेनर्स

जनगणना की मशीनरी को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं। 14 मई 2026 से 15 जून 2026 के बीच जिले में प्रगणकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।एक प्रगणक को औसतन 700 से 800 लोगों की गणना की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।हर प्रखंड में कम से कम छह मास्टर ट्रेनर तैनात किए जाएंगे जो कर्मचारियों को तकनीकी बारीकियां सिखाएंगे।

तैयारियां हुई पूरी, मैप भेजे गए

सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि गांवों की सूची का सत्यापन और क्षेत्रीय सीमाओं के सुधार का कार्य पूरा कर लिया गया है। विशेष रूप से मलीन बस्तियों के नक्शे तैयार कर निदेशालय को भेज दिए गए हैं। सभी नोडल पदाधिकारियों को नामित कर दिया गया है और प्रगणकों को जल्द ही आवश्यक जनगणना किट भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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