अलवर:अलवर जिले के नारायणपुर उपखंड क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल के पास चारा लेने गए एक व्यक्ति पर पैंथर ने अचानक हमला कर दिया। हमले के दौरान पैंथर और व्यक्ति के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ, जिसमें आत्मरक्षा के दौरान पैंथर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल को पहले नारायणपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल घायल का इलाज अलवर में जारी है।
जंगल के पास चारा लेने गया था व्यक्ति
यह घटना खरकड़ी कलां गांव की ढाणी नींबू वाली, नारायणपुर उपखंड क्षेत्र की बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, श्रवण गुर्जर (48) पुत्र भोमाराम गुर्जर शनिवार सुबह जंगल के समीप नदी किनारे बकरियों के लिए चारा लेने गया था। इसी दौरान पहले से मौजूद एक पैंथर ने अचानक उस पर हमला कर दिया।अचानक हुए हमले से श्रवण संभल नहीं पाया और दोनों के बीच संघर्ष शुरू हो गया।
आत्मरक्षा में हुआ संघर्ष, पैंथर की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों और वन विभाग की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले के बाद श्रवण ने अपनी जान बचाने के लिए पैंथर का मुकाबला किया।कुछ देर तक चले संघर्ष में पैंथर को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं श्रवण भी हमले में बुरी तरह घायल हो गया। उसके शरीर पर कई जगह गंभीर जख्म बताए जा रहे हैं।
अस्पताल रेफर, हालत गंभीर लेकिन स्थिर
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। गंभीर रूप से घायल श्रवण को तुरंत नारायणपुर अस्पताल पहुंचाया गया।चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार घायल की स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है।
वन विभाग मौके पर, पंचनामा रिपोर्ट तैयार
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।वन विभाग के अधिकारी मनोज नागा ने बताया कि सुबह सूचना मिली थी कि पैंथर और व्यक्ति के बीच संघर्ष में पैंथर की मौत हो गई है। इसके बाद विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई।पैंथर की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने मौके पर ही पंचनामा रिपोर्ट तैयार करने,और घायल व्यक्ति को तत्काल मुआवजा देने
की मांग की।
विधायक के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत ने सरिस्का उपवन संरक्षक से फोन पर बातचीत कर मामले की जानकारी दी और ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।विधायक के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग ने मौके पर ही पंचनामा रिपोर्ट तैयार की और घायल को नियमानुसार मुआवजा देने का आश्वासन दिया।करीब साढ़े बारह बजे ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
मौके पर जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद
घटना के दौरान मौके पर युवा नेता राकेश दायमा,पूर्व उपप्रधान मातादीन गुर्जर,सरपंच भागीरथ सैनी,झाबर मल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता जताते हुए वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की।
बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष बना चिंता का विषय
गौरतलब है कि सरिस्का और आसपास के इलाकों में पैंथर की मौजूदगी के चलते पहले भी कई बार मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोग चारा, लकड़ी और अन्य कार्यों के लिए जंगल जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है।वन विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और पैंथर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया जारी है।
