Bihar: नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का आगाज, 16 जनवरी से चंपारण से शुरू होगा मिशन

पटना :बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी नई मुहिम ‘समृद्धि यात्रा’ के माध्यम से राज्य के विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए सड़क पर उतर रहे हैं। यात्रा के पहले चरण के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। मुख्यमंत्री 16 जनवरी को ऐतिहासिक धरती पश्चिमी चंपारण से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे, जो 24 जनवरी को वैशाली में संपन्न होगी।

9 दिनों का धुआंधार दौरा

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में मुख्यमंत्री उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण जिलों को कवर करेंगे ।16 जनवरी को पश्चिमी चंपारण से शुरुआत होगी, 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण,19 जनवरी को सीतामढ़ी और शिवहर,20 जनवरी को गोपालगंज,21 जनवरी को सीवान,22 जनवरी को सारण,23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली में समापन होगा।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: ग्राउंड जीरो पर रहेंगे सचिव

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने डीजीपी, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी और जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा और समीक्षा की तैयारियों को पुख्ता करने का निर्देश दिया है।जब मुख्यमंत्री किसी योजना का स्थल निरीक्षण करेंगे, तो संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव का वहां मौजूद रहना अनिवार्य होगा। प्रत्येक जिले में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक होगी।

जनसंवाद और योजनाओं का ‘ऑन द स्पॉट’ निरीक्षण

समृद्धि यात्रा का मुख्य केंद्र ‘सात निश्चय’ योजना और अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं होंगी।मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा और सात निश्चय के तहत बने सड़क, नली-गली और जल संचय योजनाओं को खुद देखेंगे।यात्रा के दौरान करोड़ों की योजनाओं का उपहार जनता को मिलेगा। कई नई परियोजनाओं का कार्यारंभ भी किया जाएगा।मुख्यमंत्री सीधे आम जनता से मुखातिब होंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और ऑन-द-स्पॉट समाधान के निर्देश देंगे।

विकास की रफ्तार को मिलेगी नई धार

बिहार में चुनाव से पहले या बड़े प्रशासनिक फेरबदल से पहले नीतीश कुमार की ऐसी यात्राएं काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ‘समृद्धि यात्रा’ का उद्देश्य न केवल फाइलों में दर्ज विकास को जमीन पर देखना है, बल्कि जनता के फीडबैक के आधार पर भविष्य की नीतियां तय करना भी है।

Exit mobile version