कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर से बिटकॉइन निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक मेडिकल स्टोर संचालक ने पीएमओ में तैनात दोस्त का हवाला देकर और मोटे मुनाफे का लालच देकर पड़ोसी समेत चार लोगों से करीब दो करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
आरोपी और पीड़ित की पहचान
पीड़ित उमाशंकर, निवासी गिरिजा नगर, चकेरी के अनुसार उनके घर के पास ही अहिरवां सैनिक नगर, राजा मार्केट निवासी आदित्य सिंह का मेडिकल स्टोर था। पड़ोसी होने के कारण दोनों के बीच अच्छी जान-पहचान थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने ठगी की योजना रची।
बिटकॉइन और 44 करोड़ की कहानी
आरोपी आदित्य ने उमाशंकर को बताया कि उसने करीब 20 साल पहले बिटकॉइन (क्रिप्टोकरेंसी) में निवेश किया था, जिसकी कीमत अब बढ़कर 44 करोड़ रुपये हो गई है। उसने दावा किया कि कुछ नियमों के चलते यह रकम आरबीआई द्वारा फ्रीज कर दी गई है।आदित्य ने यह भी कहा कि इस फ्रीज रकम को रिलीज कराने के लिए उसका सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा था, जिसमें वह जीत चुका है। अब रकम रिलीज कराने के लिए एक नई फर्म बनानी होगी, जिसमें उमाशंकर और उनके साथी पार्टनर बन सकते हैं। रकम मिलने पर डेढ़ गुना मुनाफा देने का वादा किया गया।आरोपी ने अपने झांसे को मजबूत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट, आरबीआई से जुड़े कागजात, पैन कार्ड, जीएसटी और फर्म रजिस्ट्रेशन के फर्जी दस्तावेज पीड़ितों को दिखाए। इन कागजातों को देखकर पीड़ितों को उसकी बातों पर भरोसा हो गया।
फर्म बनाकर पैसे की वसूली
इसके बाद आरोपी ने एसएसआरए ग्रुप नाम से एक फर्म बनवाई। उमाशंकर ने अपने साथियों योगेंद्र, अनिल गुप्ता और समर शुक्ला को भी निवेश के लिए तैयार किया।अगस्त 2021 से नवंबर 2025 के बीच आरोपियों ने पीड़ितों से कुल 2 करोड़ रुपये वसूल लिए, जिसमें 1.25 करोड़ रुपये ऑनलाइन,और 75 लाख रुपये नकद दिए गए।
जमीन-जायदाद बेचकर लगाया पैसा
पीड़ित उमाशंकर के अनुसार, उन्होंने रकम जुटाने के लिए सनिगवां स्थित अपना प्लॉट और जेवरात तक बेच दिए। लंबे समय तक पैसा वापस न मिलने और टालमटोल होने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ।आरोपी अपने एक साथी रोहित यादव को पीएमओ का अधिकारी बताकर पीड़ितों से फोन पर बात करवाता था। वह पीड़ितों के सामने ही फोन करता, जिससे उनका विश्वास और बढ़ जाता।
फर्जी ईमेल और पीएमओ लेटर
रोहित यादव ने पीड़ितों को पीएमओ से मिलते-जुलते फर्जी ईमेल आईडी (PMO NEW DELHI@hotmail.com, newdelhipmo@gmail.com)से कई दस्तावेज भेजे, जिनमें पीएमओ का कथित लेटर भी शामिल था। इन दस्तावेजों को देखकर पीड़ितों को ठगी का शक नहीं हुआ।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
काफी समय बीत जाने के बाद जब आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा, तब पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्र ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपी आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसके दूसरे साथी रोहित यादव की तलाश जारी है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि क्रिप्टोकरेंसी, बड़े मुनाफे और सरकारी अधिकारियों के नाम पर किए जाने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहें और बिना सत्यापन के किसी को पैसा न दें।
