Jharkhand: दहेज की बलि चढ़ी गर्भवती महिला, ससुराल वालों पर जिंदा जलाकर हत्या का आरोप

पेटरवार : झारखंड के बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत अंगवाली गांव से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ दहेज के लालच में एक 29 वर्षीय गर्भवती महिला को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतारने का संगीन मामला प्रकाश में आया है। मृतका की पहचान नीतू कुमारी के रूप में हुई है, जिसने अस्पताल में 14 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद दम तोड़ दिया।

शादी के तीन साल बाद खूनी अंत

जानकारी के अनुसार, नीतू कुमारी की शादी लगभग तीन वर्ष पूर्व अंगवाली निवासी विनोद रविदास के साथ हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल के अन्य सदस्य अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। इस कलह को सुलझाने के लिए कई बार सामाजिक पंचायतें और समझौते भी हुए, लेकिन लालच की आग शांत नहीं हुई।

साजिश के तहत पीछे से लगाई आग

मृतका के मायके पक्ष ने पुलिस को दिए बयान में रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप लगाया है।बीते 18 दिसंबर को नीतू रसोई में खाना बना रही थी। आरोप है कि इसी दौरान ससुराल वालों ने पीछे से उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।आग की लपटों में घिरी नीतू बुरी तरह झुलस गई। उसे गंभीर हालत में बीजीएच (बोकारो जनरल अस्पताल) में भर्ती कराया गया। करीब दो हफ्तों तक आईसीयू में संघर्ष करने के बाद, 1 जनवरी को नीतू और उसके गर्भ में पल रहे मासूम की मौत हो गई।

पति, सास और मामा पर हत्या का केस

नीतू के मायके वालों ने इस अमानवीय कृत्य के लिए तीन लोगों जिसमे विनोद रविदास (पति),तेतरी देवी (सास) और कारू रविदास (मामा, निवासी साडम) जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का कहना है कि यह एक सोची-समझी हत्या है जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी।

पुलिस की कार्रवाई: पति सलाखों के पीछे

मामले की गंभीरता को देखते हुए पेटरवार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी पति विनोद रविदास को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में तेनुघाट जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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