Bihar: बिहारशरीफ में हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद,जमशेदपुर के अपराधियों का ‘सिंडिकेट’ फेल; AK-47 की गोलियों के साथ 5 गिरफ्तार

बिहारशरीफ/जमशेदपुर:बिहार और झारखंड के बीच चल रहे एक बड़े अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। बिहार पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त छापेमारी में लहेरी थाना क्षेत्र से हथियारों के सौदागरों को गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह का सीधा कनेक्शन जमशेदपुर से है और पकड़े गए पांच आरोपियों में से चार जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं।

किराये के फ्लैट को बनाया था ‘सेफ हाउस

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने बिहारशरीफ के सोहन कुआं मोहल्ले में एक फ्लैट किराये पर ले रखा था। इस फ्लैट को हथियारों की खरीद-बिक्री और सुरक्षित डिलीवरी के लिए ‘सेफ हाउस’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। मुंगेर का रहने वाला सौरभ झा, जो वर्तमान में जमशेदपुर के कदमा में रहता है, इस गिरोह की मुख्य कड़ी है। उसने ही स्थानीय अपराधियों और जमशेदपुर के तस्करों के बीच संपर्क सूत्र का काम किया था।

चाइना मेड पिस्टल और AK-47 के कारतूसों का जखीरा

पुलिस ने जब फ्लैट में दबिश दी, तो बरामद सामान देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। छापेमारी में निम्नलिखित सामान जब्त किए गए जिसमें पिस्टल: 5 घातक विदेशी पिस्टल (जिन पर ‘चाइना मेड’ अंकित है)।कारतूस: AK-47 राइफल के 153 जिंदा कारतूस।मैगजीन: 6 अतिरिक्त मैगजीन।अन्य: 9 मोबाइल फोन, 24 हजार रुपये नकद और एक स्कॉर्पियो कार (जमशेदपुर के पंजीकरण वाली)।### **जमीन कारोबार की आड़ में ‘मौत का सौदा’**गिरफ्तार आरोपियों में बिहारशरीफ का परवेज आलम मुख्य सरगना बताया जा रहा है। वहीं जमशेदपुर के मानगो, कदमा और साकची से ताल्लुक रखने वाले आरोपी खुद को जमीन कारोबारी बताकर पुलिस को गुमराह करते थे। जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर ये अपराधी एक राज्य से दूसरे राज्य में हथियारों की खेप पहुंचाते थे ताकि किसी को शक न हो।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान

पकड़े गए आरोपियों में जमशेदपुर के रसूखदार इलाकों के युवक शामिल हैं:1. परवेज आलम: (मुख्य सरगना, बिहारशरीफ)2. सौरभ झा: (उलियान, कदमा, जमशेदपुर – मूल निवासी मुंगेर)3. जियार जई (आजादनगर, मानगो, जमशेदपुर)4. मो. महबूब उर्फ टिंकू: (आजादनगर, मानगो, जमशेदपुर)5. जाहिद हुसैन: (साकची, जमशेदपुर)

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता

एके-47 के कारतूस और चाइना मेड पिस्तौल की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आतंकी घटना या गैंगवार के लिए तो नहीं होना था। साथ ही, स्कॉर्पियो कार के मालिक और इस सिंडिकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों की भी तलाश की जा रही है।

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