Bengal: सहेली के जन्मदिन पर केक लेकर जा रही मासूम से दरिंदगी और हत्या, उग्र बवाल के बाद सीआरपीएफ और बीएसएफ तैनात

बारुईपुर (दक्षिण 24 परगना): पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना अंतर्गत बारुईपुर के रितनपुर गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई है। अपनी सहपाठी (क्लासमेट) के जन्मदिन समारोह में शामिल होने जा रही 11 वर्षीय एक मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस खौफनाक अपराध का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि मृतका की सहेली के पिता और उसके तीन अधेड़ उम्र के साथियों पर लगा है।इस घटना के बाद पूरे इलाके में भीषण तनाव फैल गया है। आक्रोशित भीड़ ने जहां पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की, वहीं सामूहिक दुष्कर्म के एक मुख्य संदेहास्पद आरोपी की ग्रामीणों द्वारा की गई पिटाई के बाद अस्पताल में मौत हो गई है।
जन्मदिन का केक लेकर निकली थी छठी कक्षा की छात्रा
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका स्थानीय स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा थी। शनिवार दोपहर करीब दो से ढाई बजे के बीच वह अपनी ही क्लासमेट के जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के लिए घर से केक लेकर बेहद खुशी-खुशी निकली थी। लेकिन जब वह काफी देर तक सहेली के घर नहीं पहुंची और लापता हो गई, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से खुला खौफनाक राज
गांव में खोजबीन के दौरान जब स्थानीय स्तर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो एक स्थानीय व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध पाई गई। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद संदेही को हिरासत में लिया गया। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने और इधर-उधर घुमाने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
सहेली के पिता ‘आनंदो’ ने ही रची पूरी साजिश, तालाब से मिला शव
पुलिसिया जांच और मुख्य आरोपी के कबूलनामे के बाद जो सच सामने आया, उसने सबके रोंगटे खड़े कर दिए।मुख्य आरोपी का नाम ‘आनंदो’ है, जो मृतका की सहेली का पिता है। उसने मासूम बच्ची को रास्ते में यह कहकर बहलाया-फुसलाया कि उसके घर में छोटे बच्चे हैं जिनके साथ वह खेल सकती है। इस झांसे में लेकर वह बच्ची को एक सुनसान ठिकाने पर ले गया, जहां उसने अपने तीन अधेड़ साथियों के साथ मिलकर इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया।दरिंदगी के बाद आरोपियों ने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने के इरादे से शव को एक बोरे में बंद कर स्थानीय तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तालाब से बोरे को बाहर निकाला। मृतका के पूरे शरीर पर काटने और बर्बरता के गहरे निशान पाए गए हैं।
भीड़ का फूटा गुस्सा: एक संदेही की पीट-पीटकर मौत, ट्रेन रूट ठप
जैसे ही मासूम का शव बोरे से बरामद हुआ, पूरे बारुईपुर और रितनपुर गांव में जंगल की आग की तरह खबर फैल गई और लोगों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के शक में एक स्थानीय व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी। पुलिस ने गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बच्ची के शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके बाद हजारों की भीड़ ने सियालदह-नामखाना रेल रूट पर पटरियों को जाम कर दिया, जिससे इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उनमें तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
मुख्य आरोपी समेत 4 गिरफ्तार; छावनी में बदला इलाका
हालात को बेकाबू होते देख राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ गृह मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सीमा सुरक्षा बल की कई कंपनियों को प्रभावित इलाके में मार्च के लिए उतार दिया गया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी आनंदो समेत चारों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया है।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और मामले की फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए त्वरित जांच सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव पूरी तरह बरकरार है। प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।



