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Jharkhand: 2.64 करोड़ वोटरों की सूचियों का होगा शुद्धिकरण, बीएलओ जाएंगे घर-घर

रांची: झारखंड में मतदाता सूची को आधुनिक और त्रुटिहीन बनाने के लिए एक बड़ा अभियान (एसआईआर प्रक्रिया) शुरू हो गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इस पूरी प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में झारखंड की मतदाता सूची में कुल 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाता पंजीकृत हैं, जो इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।इस अभियान के तहत हर वोटर के नाम का सत्यापन करने के लिए दो इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर सभी बूथों पर भेज दिए गए हैं। आज से इस जमीनी प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है।

राज्यभर में 31 हजार से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर संभालेंगे मोर्चा


मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए राज्यभर में 31,892 बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधा संपर्क करेंगे। यह पूरी तरह से एक जनभागीदारी आधारित अभियान है। इसमें आम नागरिकों की मदद के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बीएलए -2 (बूथ लेवल एजेंट) प्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

बाहर रहने वाले वोटरों के लिए बड़ी राहत

के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता वर्तमान में राज्य से बाहर रह रहा है, तो उसके परिवार का कोई भी सदस्य उसकी जगह पर फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है, ताकि उसका नाम सूची में सुरक्षित रहे।

नए वोटरों को जोड़ने के लिए बीएलओ को मिले विशेष फॉर्म

यह अभियान सिर्फ पुरानी सूची के सुधार तक ही सीमित नहीं है। जो युवा 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं या जल्द ही पूरी करने वाले हैं, वे अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन विभाग ने प्रत्येक बीएलओ को 30-30 विशेष आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराए हैं, ताकि नए मतदाताओं का पंजीकरण आसानी से हो सके।

82.10% मतदाताओं की मैपिंग पूरी, अब फर्जी वोटरों पर गिरेगी गाज

झारखंड के चुनावी डेटाबेस को हाई-टेक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अब तक 82.10 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

29 जुलाई तक चलेगा अभियान

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, वर्तमान में बचे हुए करीब 47 लाख मतदाताओं तक पहुंचने का काम तेजी से किया जा रहा है। 29 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य चुनावी डेटाबेस को पूरी तरह आधुनिक बनाना है। इस दौरान सत्यापन प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में मौजूद तमाम फर्जी या दोहरी प्रविष्टि वाले वोटरों के नाम हटाने का काम सख्ती से किया जाएगा।

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