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Rajasthan: बाड़मेर में विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर डाला पेट्रोल, मजदूर आंदोलन के दौरान मचा हंगामा

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित गिरल लिग्नाइट माइंस को लेकर चल रहे मजदूर आंदोलन के दौरान मंगलवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला।शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर उन्होंने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और आत्मदाह करने की कोशिश की।हालांकि मौके पर मौजूद समर्थकों ने उन्हें समय रहते रोक लिया।

पुलिस ने रास्ते में रोका, भड़के विधायक

जानकारी के अनुसार रविंद्र सिंह भाटी करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे थे।पुलिस ने कलेक्ट्रेट से करीब एक किलोमीटर पहले सड़क पर बसें खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया और उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी।इसी बात से नाराज होकर विधायक ने अपने साथ लाई पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने विधायक और उनके समर्थकों को वहां से हटाया और बाद में उन्हें कलेक्ट्रेट के अंदर ले जाया गया।जहां कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चुनाराम जाट ने उनसे बातचीत कर उनकी मांगों को सुना।

एक दिन पहले किया था आंदोलन में शामिल होने का ऐलान

इससे पहले रविंद्र सिंह भाटी ने आंदोलन में शामिल होने की घोषणा करते हुए कहा था कि वह मजदूरों की मांगों के समर्थन में खड़े हैं।उन्होंने कहा था कि जिम्मेदार अधिकारी श्रमिकों की आवाज नहीं सुन रहे हैं, इसलिए मजदूर आंदोलन जनसभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।भाटी ने यह भी कहा था कि सरकार को मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।

रोजगार नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण

दरअसल यह आंदोलन राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड की गिरल स्थित लिग्नाइट माइंस के खिलाफ चल रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने जमीन अधिग्रहण के समय स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा।बताया जा रहा है कि थुबली समेत आसपास के क्षेत्रों में कंपनी कोयला खनन कर रही है।

39 दिनों से जारी है धरना

स्थानीय किसान और युवा 9 अप्रैल से गिरल गांव में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन को करीब 39 दिन हो चुके हैं।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें

मजदूरों की ड्यूटी 8 घंटे की जाए
स्थानीय युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता मिले
रोजगार देने के वादे पूरे किए जाएं
मजदूरों को उचित वेतन मिले
बोनस एक्ट 1965 के अनुसार बोनस दिया जाए
मजदूरों को चाय-नाश्ता उपलब्ध कराया जाए

हाईकोर्ट ने दिए थे परिवहन शुरू करने के आदेश

इससे पहले सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने ठेकेदार कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरल माइंस से लिग्नाइट परिवहन तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने बाड़मेर एसपी और शिव थानाधिकारी को आदेश दिया था कि परिवहन में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और वाहनों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

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