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Jharkhand: स्वर्णरेखा तट पर मिले विश्व युद्ध के दो ‘जिंदा’ मिसाइल बम निष्क्रिय, सेना और बम निरोधक दस्ते की सूझबूझ से टला बड़ा खतरा

बहरागोड़ा :पूर्वी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानीपाड़ा नागुडसाई में पिछले एक हफ्ते से बना दहशत का माहौल बुधवार को समाप्त हो गया। भारतीय सेना और राज्य बम निरोधक दस्ते के संयुक्त और साहसिक ऑपरेशन के बाद स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिले द्वितीय विश्व युद्ध के दो विशालकाय ‘जिंदा’ मिसाइल बमों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय ( कर दिया गया।

‘मेड इन USA’ बमों ने बढ़ाई थी धड़कनें

लगभग एक सप्ताह पूर्व मिले इन बमों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। निष्क्रिय किए गए दोनों बमों पर मेड इन यूएस अंकित था, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि ये शक्तिशाली बम अमेरिका में निर्मित थे। आशंका जताई जा रही है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान परिवहन (लाने-ले जाने) के क्रम में ये बम इस क्षेत्र में गिर गए होंगे। प्रशासन अब इस ऐतिहासिक पहलू की विस्तृत जांच कराएगा।

1 घंटे का हाई-वोल्टेज ऑपरेशन: गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे

बुधवार को सेना ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया था। ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए झारखंड और सटे हुए पश्चिम बंगाल के गांवों में अलर्ट जारी किया गया था। करीब एक घंटे के अंतराल पर दोनों बमों को एक-एक कर सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया। ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर ने बताया कि चुनौती बेहद जटिल थी क्योंकि दोनों बम ‘लाइव’ थे और किसी भी छोटी चूक से बड़ी अनहोनी हो सकती थी। जैसे ही दूसरा बम सफलतापूर्वक डिफ्यूज हुआ, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ व ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

क्या क्षेत्र में और भी हो सकते हैं बम?

एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर ने इस संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है कि इस क्षेत्र में और भी पुराने बम दबे हो सकते हैं। हालांकि, वर्तमान में ऐसी कोई नई सूचना नहीं है। पुलिस और सेना की टीमें अभी भी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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