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Bihar: गया जी पितृपक्ष मेला कल से, सीएम सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन

गया: गया जी और पुनपुन में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को गया जी में मेले का उद्घाटन करेंगे। देश-विदेश से आने वाले लाखों पिंडदानियों की सुविधा को देखते हुए इस बार पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया गया है।श्रद्धालुओं को पिंडदान की वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों, आवासन, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध कराने के लिए ‘पिंडदान गया जी’ मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट तैयार की गई है। आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर वेदियों, दैनिक कर्मकांड, यात्रा मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, पुलिस-स्वास्थ्य सेवाओं और खोया-पाया जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

54 वेदियों और पिंडदान के विधान की मिलेगी जानकारी

गयाजी में पितृपक्ष के दौरान अलग-अलग वेदी स्थलों पर पिंडदान और श्राद्ध कर्मकांड किए जाते हैं। विष्णुपद मंदिर प्रांगण समेत गयासिर, गयाकूप, फल्गु नदी, सीताकुंड, रामगया, प्रेतशिला, रामशिला, अक्षयवट, बोधगया और मां मंगला गौरी सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई है।‘पिंडदान गया जी’ ऐप पर वेदियों का धार्मिक महत्व, कर्मकांड और दैनिक अनुष्ठानों की जानकारी भी दी गई है। इससे श्रद्धालु गया पहुंचने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से आवासन तक की जानकारी

ऐप और वेबसाइट के जरिए पिंडदानियों को पंडा-पुरोहितों, पिंडदान वेदियों और धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही आवासन की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी है।इस बार श्रद्धालुओं के लिए 2500 बेड की टेंट सिटी तैयार की गई है। इसके अलावा होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

ट्रेन, फ्लाइट और स्थानीय परिवहन की जानकारी

मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी के साथ स्थानीय परिवहन की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों, ऑटो-टैक्सी, ई-रिक्शा और बसों से जुड़ी जानकारी ऐप पर मिलेगी।प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था के लिए अलग से तैयारी की है। 25 सितंबर से मेला अवधि में शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश और वैकल्पिक मार्गों को लेकर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी।

खोया-पाया सुविधा से मिलेगी बड़ी मदद

भीड़ के बीच परिवार से बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए डिजिटल ‘खोया-पाया’ सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। आधिकारिक वेबसाइट पर लापता और मिले हुए लोगों की सूचना दर्ज करने की सुविधा दी गई है। इससे बुजुर्गों, बच्चों और अन्य श्रद्धालुओं को खोजने में मदद मिल सकेगी।

बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त ई-रिक्शा

वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। चांद चौरा चौक से विष्णुपद और विष्णुपद से बंगाली आश्रम तक श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।मेले में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सूचना केंद्र, हेल्पलाइन और प्रशिक्षित गाइड भी तैनात किए जाएंगे।

एआई ट्रांसलेटर और हेल्प डेस्क की सुविधा

देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटरों पर एआई आधारित गूगल ट्रांसलेटर की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।ऐप पर भी एआई हेल्प डेस्क की सुविधा रखी गई है, जहां श्रद्धालु पिंडदान, यात्रा और मेले से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

CCTV और ड्रोन से होगी मेला क्षेत्र की निगरानी

मेले में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और वीडियो कैमरों से निगरानी की जाएगी। मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टरों में बांटकर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय की गई है।प्रशासन की ओर से पुलिस कैंप, स्वास्थ्य शिविर, एंबुलेंस, पेयजल, प्रकाश और पार्किंग जैसी सुविधाओं को भी व्यवस्थित किया गया है।

फल्गु घाट और वेदी स्थलों पर बढ़ाई गई सुविधाएं

पितृपक्ष के दौरान फल्गु नदी के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान करते हैं। घाटों के चौड़ीकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार से श्रद्धालुओं को कर्मकांड के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।विष्णुपद मंदिर परिसर के अलावा गयासिर, गयाकूप, भीमगया, आम्रसिंचन समेत विभिन्न वेदी स्थलों पर भी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं।

बिजली व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी

मेला क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत व्यवस्था को मजबूत किया गया है। 10 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है और मेला क्षेत्र में बिजली के तारों को कवर्ड किया गया है।तकनीकी कर्मियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम और संचार व्यवस्था भी तैयार की गई है।

पुनपुन में 5 हजार क्षमता का पंडाल

गया जी के साथ पुनपुन में भी पिंडदानियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुनपुन घाट पर करीब 5 हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाला पंडाल तैयार किया गया है। यहां पिंडदान, पूजा-अनुष्ठान, पेयजल, शौचालय, प्रकाश, स्वास्थ्य, सफाई और सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पिंडदान पैकेज भी उपलब्ध हैं। बिहार पर्यटन विभाग की ओर से 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पिंडदान पैकेज की दरें भी जारी की गई हैं।

लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

17 दिवसीय पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के गया पहुंचने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन ने आवासन, परिवहन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सफाई और भीड़ प्रबंधन पर विशेष तैयारी की है।इस बार पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था के साथ डिजिटल सेवाओं को जोड़कर श्रद्धालुओं को पिंडदान से लेकर यात्रा और आपातकालीन सहायता तक की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

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