Jharkhand: साहिबगंज में आदिम जनजाति के ग्रामीणों की गुहार, बोले- गांव तक आज भी सड़क नहीं

साहिबगंज: जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत बगदुम्मा गांव के आदिम जनजाति समुदाय के ग्रामीणों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर मंगलवार को साहिबगंज समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने गांव में सड़क, पेयजल, राशन वितरण और स्वास्थ्य सुविधाओं की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा।मांग पत्र सौंपने के बाद ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं की जानकारी संवाददाताओं को दी। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंची है, जिसके कारण रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सुविधाओं तक कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गांव तक सड़क नहीं, पगडंडी के सहारे आवागमन
बगदुम्मा के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में अब तक सड़क की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, वे लोग किसी तरह अपने स्तर पर पगडंडी बनाकर आवागमन करते हैं।सड़क नहीं होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी आपात स्थिति में गांव तक पहुंचना और वहां से मरीज को बाहर लाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
तीन किलोमीटर दूर बुलाया जाता है राशन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क नहीं होने के कारण राशन वितरक गांव तक राशन नहीं पहुंचाते। उन्हें करीब तीन किलोमीटर दूर बुलाया जाता है, जहां से ग्रामीण राशन अपने सिर पर उठाकर वापस गांव तक ले जाते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से राशन समेत अन्य आवश्यक सामान गांव तक आसानी से पहुंच सकता है और उन्हें अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
पेयजल के लिए भी ग्रामीण परेशान
गांव में पेयजल की समस्या को लेकर भी ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। उनका कहना है कि पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है।ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को पानी के लिए दूर जाने की मजबूरी न हो।
प्रसव के समय महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधा मिलने में परेशानी
ग्रामीण महिलाओं ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी गंभीर समस्याएं बताईं। उनका आरोप है कि प्रसव के समय सहिया से सहायता लेने में परेशानी होती है और कई बार फोन करने पर भी संपर्क नहीं हो पाता।एक महिला ने बताया कि अगस्त महीने में उसे प्रसव के लिए सदर अस्पताल साहिबगंज जाना था। उसके अनुसार, सहिया उसे अस्पताल लेकर आई, लेकिन अस्पताल के बाहर से ही वापस चली गई।यह ग्रामीणों और संबंधित महिला का आरोप है। मामले में संबंधित स्वास्थ्यकर्मी या विभाग का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
सड़क के अभाव में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सड़क नहीं होने का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। आवागमन की कठिनाइयों के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव तक सड़क निर्माण कराने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र
बगदुम्मा गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने साहिबगंज समाहरणालय में उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सड़क निर्माण, पेयजल की व्यवस्था, राशन की सुचारू आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आदिम जनजाति समुदाय ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। उनका सवाल है कि अगर गांव में सड़क और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होतीं तो उन्हें अपनी समस्याएं लेकर समाहरणालय तक आने की जरूरत नहीं पड़ती।अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। मांग पत्र पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।



