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Jharkhand: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) नफीस अहमद ने इस्तीफे की पेशकश की, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

पलामू: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) नफीस अहमद ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। उन्होंने इस्तीफे से संबंधित पत्र विश्वविद्यालय के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग को भेज दिया है। पत्र में उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए करीब एक महीने बाद जिम्मेदारी से अलग होने की इच्छा जताई है।

कुलपति ने की इस्तीफे के पत्र की पुष्टि

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने कुलसचिव नफीस अहमद की ओर से इस्तीफे का पत्र मिलने की पुष्टि की है। कुलपति के अनुसार, इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग को भी जानकारी दे दी गई है।नफीस अहमद को वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय का कुलसचिव नियुक्त किया गया था।

तीन जिलों के छात्रों की पढ़ाई और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ सकता है असर

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय से पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी जुड़े हुए हैं। ऐसे में कुलसचिव के पद से हटने की संभावना के बाद विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।कुलसचिव विश्वविद्यालय प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में परीक्षा, परिणाम, नामांकन और अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

पहले से सत्र में देरी की समस्या से जूझ रहा है विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय में पहले से ही कई पाठ्यक्रमों के सत्र निर्धारित समय से पीछे चल रहे हैं। सत्र में देरी और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर छात्र संगठन और विद्यार्थी समय-समय पर विरोध भी करते रहे हैं।ऐसे समय में कुलसचिव के पद से हटने की स्थिति उत्पन्न होने से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

2009 में हुई थी नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की स्थापना

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। स्थापना के बाद से विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति और कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर कई बार बदलाव की स्थिति बनी रही।वर्ष 2025 में लंबे इंतजार के बाद कुलपति और कुलसचिव की नियुक्ति हुई थी, लेकिन अब कुलसचिव नफीस अहमद द्वारा निजी कारणों से पद छोड़ने की पेशकश किए जाने के बाद विश्वविद्यालय की आगे की प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर रहेगी।

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