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Jharkhand: धनबाद की बेटी मुनमुन भट्टाचार्या को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026, शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

धनबाद: धनबाद और झारखंड के लिए गर्व की खबर है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित शिक्षकों की सूची में धनबाद की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या का नाम शामिल किया गया है। मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या को आगामी 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

झारखंड से मुनमुन भट्टाचार्या का चयन

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए झारखंड से तीन शिक्षकों के नाम भेजे गए थे। इनमें धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या ने अपने नवाचार और बेहतर शिक्षण कार्यों के दम पर अलग पहचान बनाई।उनके चयन की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार और धनबाद के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में मिलेंगे 50 हजार रुपये, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुनमुन भट्टाचार्या को देश के इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा।

2019 से बरमसिया मध्य विद्यालय में दे रही हैं सेवाएं

मुनमुन भट्टाचार्या वर्ष 2019 से मध्य विद्यालय बरमसिया में कार्यरत हैं। इससे पहले वह मुरी-सिल्ली स्थित एक सरकारी विद्यालय में पदस्थापित थीं।बरमसिया विद्यालय में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने टीएलएम यानी टीचिंग लर्निंग मटेरियल के माध्यम से पढ़ाई को बच्चों के लिए रोचक और प्रभावी बनाने का प्रयास किया।

किताबों से आगे बढ़कर नवाचार आधारित शिक्षा पर जोर

मुनमुन भट्टाचार्या ने शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने स्कूल में नवाचार आधारित गतिविधियों, कंप्यूटर आधारित शिक्षण और पुस्तकालय के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया।विद्यालय में बच्चों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए बाल संसद को सक्रिय किया गया। इसके साथ ही पोषक क्षेत्र के अधिकतम बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए गए।

पोषण वाटिका और जल संरक्षण की दिशा में भी पहल

बच्चों को पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने के लिए विद्यालय परिसर में पोषण वाटिका तैयार कराई गई। जल संरक्षण को लेकर भी विभिन्न पहल की गई।विभिन्न शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया गया। उनके इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में देखने को मिला।

3 सितंबर तक दिल्ली पहुंचने का मिला आमंत्रण

राष्ट्रपति की ओर से सम्मान समारोह में शामिल होने का आमंत्रण मुनमुन भट्टाचार्या को ईमेल के माध्यम से प्राप्त हुआ है। आमंत्रण के अनुसार उन्हें 3 सितंबर तक नई दिल्ली पहुंचना है, जबकि वह 2 सितंबर को धनबाद के सरायढेला स्थित अपने आवास से दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

पति भी हैं शिक्षक, पिता डीजीएमएस में दे चुके हैं सेवाएं

मुनमुन भट्टाचार्या के पति सचिन कुमार भी शिक्षक हैं। उनके पिता नंदन भट्टाचार्य धनबाद स्थित खान सुरक्षा महानिदेशालय यानी डीजीएमएस में कार्यरत थे और वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त हुए थे।

बोलीं- यह सम्मान पूरे विद्यालय परिवार का है

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर मुनमुन भट्टाचार्या ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार का सम्मान है।उन्होंने कहा कि शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों के सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। आगे भी बच्चों की शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और नवाचार के जरिए शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए वह लगातार प्रयास करती रहेंगी।

धनबाद और झारखंड के लिए गर्व का पल

सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा में नवाचार, बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की कोशिश तथा स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने का जज्बा अब मुनमुन भट्टाचार्या को देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षक सम्मानों में से एक तक ले आया है।

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