Jharkhand: जेपीएससी-जेएसएससी धांधली पर छात्रों के समर्थन में उतरी बीजेपी ; जिलों में प्रदर्शन और सीएम आवास घेराव को समर्थन, विधिक सहायता भी देगी पार्टी

रांची: जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं (विशेषकर जेएसएससी -सीजीएल ) में कथित धांधली और भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने तथा विवादित नियुक्तियों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खुलकर आ गई है। पार्टी ने राज्य के सभी जिलों में छात्रों की मांगों के समर्थन में आंदोलन करने का फैसला किया है। इसके साथ ही छात्रों द्वारा घोषित ‘मुख्यमंत्री आवास घेराव’ कार्यक्रम को भी भाजपा ने अपना समर्थन देने का ऐलान किया है।
जिलाध्यक्षों को निर्देश, सीएम आवास घेराव का समर्थन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश जारी किया है कि वे जिला स्तर पर छात्रों की जायज मांगों का खुलकर समर्थन करें। पार्टी का मानना है कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से राज्य के लाखों युवाओं और अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।हालांकि पार्टी ने स्पष्ट किया है कि छात्र आंदोलन की स्वायत्तता बनाए रखने के लिए भाजपा कार्यकर्ता सीधे तौर पर छात्रों के मंच पर शामिल नहीं होंगे, बल्कि बाहर से पूरा नैतिक और सांगठनिक समर्थन देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों को दिए गए नए बातचीत (वार्ता) के प्रस्ताव और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी भाजपा की पैनी नजर बनी हुई है।
बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू देंगे विधिक सहायता
छात्रों को कानूनी लड़ाई में मदद करने के उद्देश्य से प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विधि प्रकोष्ठ और संबंधित कानूनी विशेषज्ञों को निर्देश दिए हैं।आंदोलनकारी छात्रों या अभ्यर्थियों को आवश्यकता पड़ने पर अदालत में विधिक (लीगल) सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य भाजपा इकाई ने इस पूरे आंदोलन के सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव और भाविष्य की रणनीति से केंद्रीय नेतृत्व को भी अवगत करा दिया है।
दिल्ली से रांची तक गूंज रही आवाज — पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा
भाजपा के सांसद और विधायक लगातार आंदोलनकारी छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं।राज्यसभा सांसद व नव-नियुक्त राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा समेत अन्य नेताओं ने दिल्ली से लेकर रांची तक छात्रों की सीबीआई जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि संगठन की ओर से छात्रों के समर्थन में बनाई गई रणनीति के कारण राज्य सरकार पर चौतरफा प्रशासनिक व राजनीतिक दबाव बन गया है, जिससे सरकार को बैकफुट पर आना पड़ रहा है।



