Jharkhand: रांची के अस्पतालों और क्लीनिकों को 7 दिनों में फीस व डॉक्टरों की जानकारी प्रदर्शित करने का आदेश

रांची: राजधानी रांची के सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों को अब इलाज से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, रांची ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को आदेश जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।आदेश के अनुसार, अस्पतालों और क्लीनिकों को अपना वैध निबंधन प्रमाणपत्र, इलाज एवं जांच की दर सूची, डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण, विशेषज्ञता और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को इलाज से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है।कार्यालय आदेश संख्या 5236 के तहत जारी इस निर्देश में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के अनुपालन पर जोर दिया गया है। सिविल सर्जन कार्यालय के मुताबिक, सोशल एक्टिविस्ट ज्योति शर्मा के आधिकारिक ई-मेल से मिले अनुरोध के बाद यह कदम उठाया गया है।

रिसेप्शन पर लगाना होगा निबंधन प्रमाणपत्र

निर्देश के मुताबिक, प्रत्येक संबंधित अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक को अपना वैध एवं अद्यतन निबंधन प्रमाणपत्र या लाइसेंस ऐसी जगह प्रदर्शित करना होगा, जहां मरीज और उनके परिजन उसे आसानी से देख सकें। इसके लिए रिसेप्शन या किसी अन्य प्रमुख स्थान का इस्तेमाल किया जा सकता है।इस व्यवस्था से मरीजों को संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के निबंधन की स्थिति जानने में मदद मिलेगी।

इलाज और जांच की दर सूची करना होगा प्रदर्शित

अस्पतालों और क्लीनिकों को अपनी सेवाओं की अद्यतन दर सूची भी सार्वजनिक रूप से लगानी होगी। इसमें डॉक्टरों की फीस, विभिन्न जांचों का शुल्क, चिकित्सा प्रक्रियाओं का खर्च, बेड चार्ज और अन्य सेवा शुल्क का स्पष्ट विवरण देना होगा।दर सूची ऐसी जगह लगानी होगी, जहां मरीज और उनके परिजन उसे आसानी से देख सकें। इससे मरीजों को इलाज शुरू कराने से पहले संभावित खर्च की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, शुल्क को लेकर होने वाले भ्रम और विवाद कम करने में भी मदद मिल सकती है।

डॉक्टरों की योग्यता और विशेषज्ञता की जानकारी जरूरी

आदेश के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत डॉक्टरों का नाम, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण का विवरण, विशेषज्ञता और परामर्श या ड्यूटी का समय भी प्रदर्शित करना होगा।इससे मरीजों को यह जानने में सुविधा होगी कि संबंधित संस्थान में कौन-कौन से डॉक्टर उपलब्ध हैं और वे किन बीमारियों के इलाज में विशेषज्ञता रखते हैं। मरीज अपनी जरूरत के अनुसार डॉक्टर का चयन कर सकेंगे।

मरीजों के अधिकार और शिकायत व्यवस्था भी बतानी होगी

स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी। इसके अलावा मरीजों के अधिकार, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और लागू नियमों के तहत जरूरी अन्य जानकारियां भी प्रदर्शित करनी होंगी।इससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर शिकायत करने के उचित माध्यम की जानकारी मिल सकेगी।

सात दिनों में पालन नहीं करने पर हो सकती है कार्रवाई

सिविल सर्जन कार्यालय ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को आदेश जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर निर्देशों का पालन करने को कहा है। निर्धारित समय सीमा के बाद निरीक्षण अधिकारी अस्पतालों और क्लीनिकों में जाकर जांच कर सकते हैं कि जरूरी जानकारियां प्रदर्शित की गई हैं या नहीं।निरीक्षण के दौरान कमी या नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को देनी होगी। इसके बाद लागू कानूनी प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है।आदेश की प्रतिलिपि रांची के उपायुक्त, संबंधित अस्पतालों एवं क्लीनिकों और निरीक्षण अधिकारियों को भी भेजी गई है। इस निर्देश के लागू होने से मरीजों को इलाज के खर्च, डॉक्टरों की योग्यता और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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