Jharkhand: जमशेदपुर में टाटा स्टील यूआईएसएल की ‘री -लाइफ’ पहल शुरू, पुरानी वस्तुओं को मिलेगा नया जीवन

जमशेदपुर: घरों में अनुपयोगी पड़ी वस्तुओं को उपयोगी संसाधनों में बदलने और अपशिष्ट उत्पादन को कम करने के उद्देश्य से टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड ने नई पहल “री – लाइफ” – आपकी अनुपयोगी वस्तुओं को नया जीवन’ शुरू की है। इसके तहत बिष्टुपुर स्थित जी टाउन क्लब के निकट कंपनी के रिड्यूस, रीयूज एंड रिसाइकिल सेंटर में नागरिकों से उपयोग योग्य घरेलू वस्तुएं दान करने की अपील की गई है।इस पहल का उद्देश्य जिम्मेदार उपभोग को बढ़ावा देना, संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और पर्यावरण पर कचरे के बढ़ते बोझ को कम करना है।

कपड़े, किताबें, जूते और खिलौने कर सकेंगे दान

“री – लाइफ” पहल के तहत नागरिक अपने घरों में रखे ऐसे कपड़े, जूते-चप्पल, किताबें, खिलौने, साइकिल, बैग और अन्य घरेलू वस्तुएं दान कर सकेंगे, जो उनके लिए अब उपयोगी नहीं हैं, लेकिन दोबारा इस्तेमाल की जा सकती हैं।एकत्रित वस्तुओं की सफाई और आवश्यक मरम्मत के बाद उन्हें बेहद मामूली कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस कीमत में धुलाई और मरम्मत पर आने वाली लागत को ध्यान में रखा जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को कम खर्च में उपयोगी सामान मिल सके।

सफाई मित्रों से होगी पहल की शुरुआत

टाटा स्टील यूआईएसएल की यह पहल सबसे पहले कंपनी के सफाई मित्रों के बीच शुरू की जाएगी। ये कर्मचारी जमशेदपुर को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आगे चलकर इस पहल का विस्तार आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों और आसपास के गांवों तक किया जाएगा।इससे अधिक लोगों को किफायती दरों पर रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ वस्तुओं के दोबारा इस्तेमाल को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

पुराने कपड़ों से बनेंगे जूते, दरी और कालीन

इस पहल के तहत उन कपड़ों और वस्त्रों को भी उपयोग में लाने की योजना है, जो सामान्य रूप से दोबारा पहनने योग्य नहीं रह गए हैं। ऐसे वस्त्रों को एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से जूते, दरी, कालीन और बेडशीट जैसे उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा।वहीं, एकत्रित पुस्तकों से सामुदायिक पुस्तकालय विकसित किया जाएगा। यहां लोग नाममात्र की वापसी योग्य सुरक्षा राशि जमा कर निःशुल्क पढ़ने के लिए पुस्तकें ले सकेंगे। इससे किताबों का पुनः उपयोग बढ़ेगा और समुदाय के लोगों को पढ़ने के लिए अधिक संसाधन मिल सकेंगे।

पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

टाटा स्टील यूआईएसएल के अनुसार, “री – लाइफ” पहल पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।कंपनी ने जमशेदपुर के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में रखी अनुपयोगी, लेकिन इस्तेमाल के योग्य वस्तुओं को बिष्टुपुर स्थित आरआरआर सेंटर में दान करें और इस पहल से जुड़ें।

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