Jharkhand: चक्रधरपुर मंडल के 78 स्टेशनों पर रेल जन संवाद, टाटानगर में डीआरएम तरुण हुरिया ने यात्रियों से लिया फीडबैक

टाटानगर। यात्रियों की समस्याओं को समझने और रेल सेवाओं में सुधार के उद्देश्य से चक्रधरपुर रेल मंडल के 78 स्टेशनों पर गुरुवार को विशेष अभियान 6.0 के तहत एक साथ रेल जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से सीधे बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं, अपेक्षाओं और शिकायतों की जानकारी ली।
टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों से मिले डीआरएम
चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया स्वयं टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं और रेल सेवाओं के संबंध में उनकी राय जानी। यात्रियों से मिले सुझावों और प्रतिक्रियाओं को सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
यात्री सुविधाओं और स्वच्छता पर लिया गया फीडबैक
जन संवाद के दौरान यात्रियों से स्टेशन पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और रेल सेवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर फीडबैक लिया गया। यात्रियों की ओर से सामने आई शिकायतों और सुझावों को संकलित किया गया, ताकि संबंधित विभाग उनकी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर देना है। इससे यात्रियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने और रेल यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
श्रमदान और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया
कार्यक्रम के तहत मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर श्रमदान और स्वच्छता अभियान का भी आयोजन किया गया। इसमें रेलवे अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर स्टेशन परिसरों को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखने का संदेश दिया।इस दौरान कचरे के उचित निपटान और रेलवे परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने में सामूहिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया गया।
यात्री-केंद्रित सेवाओं पर रेलवे का जोर
चक्रधरपुर मंडल ने यात्रियों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील, पारदर्शी और यात्री-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। रेलवे के अनुसार, यात्रियों से प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं के आधार पर स्वच्छता, यात्री सुविधाओं और समग्र रेल यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



