Jharkhand: पोटका विधायक संजीव सरदार पर अधिकारियों से मारपीट का आरोप, अभियंता संघ ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

जमशेदपुर: पोटका के विधायक संजीव सरदार पर स्वर्णरेखा नहर प्रमंडल, चांडिल के दो अधिकारियों के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। मंगलवार सुबह हुई इस घटना के बाद अभियंताओं में नाराजगी है। झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ और डिप्लोमा अभियंत्रण सेवा संघ ने विधायक से 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने, मामले को विधानसभा में उठाने और काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करने की पहल की जाएगी।

शिलान्यास को लेकर शुरू हुआ विवाद

स्वर्णरेखा नहर प्रमंडल, चांडिल के कार्यपालक अभियंता शिवराम गगराई के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब आठ बजे विधायक संजीव सरदार ने उन्हें और अनुमंडल पदाधिकारी विजय तिर्की को बुलाया था। बातचीत के दौरान विधायक ने एक परियोजना का शिलान्यास नहीं होने को लेकर सवाल उठाया। इस पर एसडीओ ने बताया कि संबंधित परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2021 में ही किया जा चुका है।आरोप है कि विधायक ने शिलान्यास का प्रमाण मांगा, जिसके बाद बातचीत तीखी बहस में बदल गई। कार्यपालक अभियंता शिवराम गगराई ने दावा किया कि इस दौरान विधायक ने एसडीओ विजय तिर्की पर हाथ उठाया। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी कथित तौर पर हाथापाई और गाली-गलौज की गई।गगराई ने कहा कि घटना से उन्हें काफी आघात पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने फिलहाल व्यक्तिगत रूप से कानूनी कार्रवाई करने के बजाय अभियंता संघ के सामूहिक निर्णय के साथ चलने की बात कही है।

बिष्टुपुर में जुटे 150 से 200 अभियंता

घटना के विरोध में मंगलवार देर शाम बिष्टुपुर स्थित निर्मल गेस्ट हाउस में झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ और डिप्लोमा अभियंत्रण सेवा संघ की संयुक्त बैठक हुई। इसमें कनीय, सहायक और कार्यपालक अभियंता स्तर के करीब 150 से 200 अभियंताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई।बैठक में सरकारी अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की गई। अभियंताओं ने अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लगे अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

48 घंटे में माफी की मांग, आंदोलन की चेतावनी

झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ के संगठन सचिव विपुल दुबे ने कहा कि अभियंताओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार गंभीर मामला है। दोनों संगठनों ने विधायक से 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।संघ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में माफी नहीं मिलने पर विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल की जाएगी। इसके अलावा मामले को विधानसभा में उठाने और काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई गई है।अभियंता संगठनों का कहना है कि अधिकारियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। संघ ने मामले में एकजुट होकर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

विधायक का पक्ष सामने नहीं आया

फिलहाल विधायक संजीव सरदार की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारियों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विधायक का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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