पटना: सिंगापुर से गुरुवार को पटना पहुंचीं रोहिणी आचार्य को रिसीव करने उनके पिता और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती खुद पटना एयरपोर्ट पहुंचे। लंबे अंतराल के बाद रोहिणी के पटना लौटने और परिवार के सदस्यों के एयरपोर्ट पहुंचने की तस्वीरें चर्चा में रहीं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, रोहिणी करीब 10 महीने बाद अपने मायके लौटी हैं।
एयरपोर्ट पर भावुक हुआ परिवार
रोहिणी के एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद उन्होंने पहले पिता लालू प्रसाद यादव का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उनसे गले मिलीं। इसके बाद उन्होंने मां राबड़ी देवी को प्रणाम किया और गले लगाया। इस दौरान परिवार के सदस्यों के बीच भावुक पल देखने को मिला।मीसा भारती भी रोहिणी को रिसीव करने एयरपोर्ट के अंदर गई थीं, जबकि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी बाहर उनका इंतजार कर रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद पूरा परिवार साथ रवाना हुआ।
रोहिणी बोलीं- ‘मैं अपने मां-बाप से मिलने आई हूं’
पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी आचार्य से जब उनकी यात्रा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे निजी बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें बुलाया है और वह अपने मां-बाप से मिलने आई हैं। उन्होंने लोगों से उनकी यात्रा को राजनीति का रंग नहीं देने की अपील की।तेजस्वी यादव से नाराजगी और पुराने विवाद से जुड़े सवाल पर रोहिणी ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की ओर भी इशारा किया।मीसा भारती ने भी कहा कि जब परिवार में कोई आता है तो परिवार के लोग उसे लेने एयरपोर्ट जाते हैं।
पिता के बुलावे पर पटना आने की कही थी बात
पटना आने से पहले रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के प्रति भावनात्मक संदेश साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि उनके लिए उनके पिता, उनकी खुशी और उनका आशीर्वाद सबसे ऊपर है और पिता के बुलावे से बढ़कर उनके लिए कोई आदेश नहीं है।इस पोस्ट के बाद उनके पटना लौटने को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि, पटना पहुंचने के बाद रोहिणी ने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा निजी है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
नवंबर 2025 में राजनीति और परिवार से दूरी की घोषणा
रोहिणी आचार्य ने नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद सोशल मीडिया पर राजनीति छोड़ने और परिवार से खुद को अलग करने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव के करीबी बताए जाने वाले संजय यादव और रमीज का नाम लिया था। इस घटनाक्रम के बाद परिवार के भीतर मतभेद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं।इसके बाद रोहिणी सिंगापुर चली गई थीं और लंबे समय तक पटना नहीं लौटी थीं। अब उनके पटना लौटने और माता-पिता से मुलाकात के बाद परिवार के बीच रिश्तों को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, रोहिणी ने अपने बयान में इस यात्रा को पारिवारिक मुलाकात ही बताया है।
