धनबाद: धनबाद के बहुचर्चित रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह हत्याकांड में शनिवार को अदालत ने फैसला सुना दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले में आरोपी नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा और रघुकुल से जुड़े हर्ष सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 को धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र में चाणक्य नगर मोड़ के पास गोली मारकर की गई थी। करीब नौ साल बाद मामले में अदालत का फैसला आया है।
बिग बाजार के सामने गोली मारकर की गई थी हत्या
घटना के समय रंजय सिंह अपने सहयोगी राजा यादव के साथ चाणक्य नगर मोड़ के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी। फायरिंग में रंजय सिंह की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद राजा यादव बच गए।घटना के बाद राजा यादव की शिकायत पर सरायढेला थाना में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच के दौरान राजा यादव इस मामले के प्रमुख चश्मदीद गवाह बने।
शनिवार को अदालत ने सुनाया फैसला
मामले में धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई चल रही थी। शनिवार, 19 सितंबर 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा और हर्ष सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।अदालत के फैसले के बाद लंबे समय से चर्चित इस हत्याकांड की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।
5 सितंबर को टल गया था फैसला
इस मामले में पहले 5 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया जाना था। हालांकि, उस दिन अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने अदालत में आवेदन देकर कानूनी बिंदुओं पर बहस के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था।इसके बाद अदालत ने उस दिन फैसला सुनाने की प्रक्रिया टाल दी थी और अगली तारीख 19 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी। निर्धारित तारीख पर अदालत ने मामले में फैसला सुनाया।
2017 से चल रहा था चर्चित हत्याकांड
रंजय सिंह की हत्या वर्ष 2017 में सरायढेला थाना क्षेत्र में हुई थी। घटना के बाद यह मामला धनबाद के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा। पुलिस जांच में राजा यादव को मामले का प्रमुख चश्मदीद गवाह बताया गया था।अब अदालत के फैसले के बाद मामले में आरोपी बनाए गए नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा और हर्ष सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
