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Jharkhand: जेपीएससी -जेएसएससी परीक्षा रद्द करने के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट का स्टे बरकरार,7 अक्टूबर को अगली सुनवाई

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, जेएसएससी -सीजीएल, सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर पूर्व में लगाई गई रोक को बरकरार रखा है। जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में चयनित होकर सरकारी विभागों में कार्यरत हजारों अभ्यर्थियों को मिली राहत फिलहाल जारी रहेगी।सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किया गया। अदालत ने कहा कि सभी नियुक्तियां शत-प्रतिशत सही नहीं हैं, लेकिन सभी नियुक्तियां गलत भी नहीं हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि एक झटके में हजारों नियुक्तियां रद्द करना प्राकृतिक न्याय के अनुरूप नहीं हो सकता।

जांच की मॉनिटरिंग के लिए रिटायर्ड जज बने नोडल अधिकारी

मामले की जांच की मॉनिटरिंग के लिए झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि एसआईटी की जांच के दौरान किसी अभ्यर्थी को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, तो वह नोडल अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

18 अगस्त को सरकार ने जारी की थी अधिसूचना

झारखंड सरकार ने 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 20 अगस्त को सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी। अब अदालत ने उस रोक को बरकरार रखा है।

किन परीक्षाओं से जुड़ा है मामला?

मामला मुख्य रूप से 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, जेएसएससी -सीजीएल, सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सरकार द्वारा इन्हें रद्द किए जाने के फैसले से जुड़ा है। परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर छात्रों एवं अभ्यर्थियों की ओर से लगातार जांच की मांग की जाती रही है।

7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर को होगी। अगली सुनवाई में राज्य सरकार के जवाब, जांच की प्रगति और संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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