Jharkhand: जमशेदपुर में स्कूली वाहनों पर सख्ती, 7 दिन बाद चलेगा विशेष जांच अभियान

जमशेदपुर। शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क दुर्घटनाओं और स्कूली वाहनों में नियमों की अनदेखी की शिकायतों के बीच ट्रैफिक विभाग ने स्कूल वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने स्पष्ट किया है कि मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सात दिनों में नियमों का पालन करने का निर्देश
ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि हाल ही में एसडीओ की अध्यक्षता में स्कूली वाहन संचालकों और वाहन एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में सभी संचालकों को सात दिनों के भीतर अपने वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और एमवी एक्ट के नियमों के अनुरूप करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय अवधि के बाद नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग पर विशेष नजर
नीरज कुमार ने कहा कि स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग गंभीर समस्या है। कई वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर चल रहे हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि वाहन में उतने ही बच्चों को बैठाया जा सकेगा, जितनी संख्या की अनुमति नियमों के तहत है। क्षमता से अधिक बच्चे मिलने या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर चालक और वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीटीओ, एमवीआई और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त जांच
सात दिनों की मोहलत समाप्त होने के बाद जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ), मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम विशेष जांच अभियान चलाएगी। इस दौरान स्कूली वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, सुरक्षा उपकरण और बच्चों की संख्या की जांच की जाएगी।प्रशासन के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूली वाहन संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन कराने पर जोर देना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।



